Gupt Navratri 2020: कब से शुरू गुप्त नवरात्र‍ि, मां काली का पूजन, तंत्र साधना से जुड़े रहस्‍य - mithila Hindi news

mithila Hindi news

नई सोच नई उम्मीद नया रास्ता

Gupt Navratri 2020: कब से शुरू गुप्त नवरात्र‍ि, मां काली का पूजन, तंत्र साधना से जुड़े रहस्‍य

Share This
पंकज झा शास्त्री (मधुबनी) 

मिथिला हिन्दी न्यूज :- वर्ष भर के चार नवरात्रों में एक आषाढ़ी नवरात्र, जिसे गुप्त नवरात्र के नाम से भी जाना जाता है। वैसे सभी नवरात्र के अपना एक अलग महत्व है, परन्तु लोग अधिकतर दो ही नवरात्र को जानते है। यह भी देखा जा रहा है कि लोगो को यह जानकारी नहीं है कि कोन सा नवरात्र प्रथम और क्रमश होता है। जानकारी अनुसार चैत्र में प्रथम नवरात्र, आषाढ़ में द्वितीय, अश्विन में तृतीय, माघ में चतुर्थ।
इसी तरह माता के आगमन और गमन के फलादेश में नवरात्र से अगले नवरात्र तक का फलादेश होता है परन्तु अक्सर अधिकतर विद्वान आश्विन नवरात्र से एक वर्ष तक का फलादेश करते है जो उचित नहीं या जानकारी के अभाव में ऐसा करते है, यही कारण है कि अधिकतर विद्वानों का फलादेश सही साबित नहीं हो पाती। इस बार आषाढ़ मास के नवरात्र 22 जून 2020 से प्रारंभ हो रही है जो 30 जून तक चलेगी।
देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।
देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक माँ काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, माँ ध्रूमावती, माँ बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।

गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखती है। इस दौरान देवी भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं। इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं। इस बार आषाढ़ नवरात्र में माता का आगमन सोमवार को गज पर हो रही है जबकि माता का गमन मंगल वार को मुर्गा पर है। माता का आगमन फल अच्छी वर्षा होने की संभावना है वहीं गमन फल शुभ का संकेत नहीं है इससे लोगो में व्याकुलता बढ़ेगी, अधिकतर त्राहि त्राहि मचने की प्रबलता है रोग में वृद्धि, युद्ध जैसे स्थिति प्राकृतिक अप्राकृतिक अनहोनी घटना की संभावना। प्रजा में हाहाकार आदि घटनाओं का संकेत है।

No comments:

Post a comment

live

Post Bottom Ad

अगर आप विज्ञापन देना चाहते हैं तो वत्सआप करें अपना पोस्टर 8235651053

Pages