शिव की इस नगरी से जाता है नाग लोक का रास्ता, पुरी खबर पढ़ कर रह जायेंगे दंग - mithila Hindi news

mithila Hindi news

नई सोच नई उम्मीद नया रास्ता

शिव की इस नगरी से जाता है नाग लोक का रास्ता, पुरी खबर पढ़ कर रह जायेंगे दंग

Share This
अनूप नारायण सिंह 

मिथिला हिन्दी न्यूज :- शाश्वत धर्मनगरी काशी (वाराणसी) में धार्मिक रहस्यों की कमी नहीं है! यहां के नवापुरा नामक एक स्थान पर एक कुआं है, जिसके बारे में लोगों की मान्‍यता है कि इसकी अथाह गहराई पाताल और नागलोक तक जाती है।प्रचलित रूप में इसे करकोटक नागतीर्थ के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग बताते हैं कि यहां स्थित कूप (कुएं) की गहराई कितनी है, इस बात की जानकारी किसी को भी नहीं।महर्षि पतंजलि ने अपने तप से इस कुंड का निर्माण कराया था। इसी स्‍थान पर महर्षि पतंजलि ने पतंजलिसूत्र और व्याकरणाचार्य पाणिनी ने महाभाष्य की रचना की थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव नगरी काशी से ही नागलोक जाने का रास्ता है। नागकुंड के अंदर ही एक कुआं है जहां से नागलोक जाने का रास्ता है। कुआं के अंदर प्राचीन शिवलिंग भी स्थापित है जो साल भर पानी में डूबा रहता है और नागपंचमी के पहले कुंड का पानी निकाल कर शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं की माने तो यहां पर आज भी नाग निवास करते हैं।

कालसर्प योग से मुक्ति के लिए बेहद खास है नागकुंड, देश में तीन ही ऐसे कुंड हैं जहां पर दर्शन करने से कालसर्प योग से मुक्ति मिलती है। जैतपुरा का कुंड ही मुख्य नागकुंड है। नागपंचमी के पहले कुंड का जल निकाल कर सफाई की जाती है फिर शिवलिंग की पूजा की जाती है इसके बाद नागकुंड फिर से पानी से भर जाता है।आज के दिन नागकुंड में दर्शन करने वालों की सुबह से ही कतार लग जाती है। यहां पर दूर-दराज से लोग दर्शन करने आते हैं।नागकुंड का दर्शन करने से ही कालसर्प योग से मुक्ति मिलती है इसके अतिरिक्त जीवन में आने वाली सारी बाधाएं खत्म हो जाती है।बनारस में नागकुंड का विशेष स्थान है जिस नगरी में स्वयं महादेव विराजमन रहते हैं वहां का नागकुंड अनोखा फल देने वाला होता है।

No comments:

Post a comment

live

Post Bottom Ad

अगर आप विज्ञापन और न्यूज देना चाहते हैं तो वत्सआप करें अपना पोस्टर 8235651053

Pages