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नीतीश सरकार ने 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार वासियों को शिक्षित नहीं साक्षर बनाने का काम किया : रोलोसपा

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अमित कुमार ठाकुर 

मिथिला हिन्दी न्यूज :-राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राज्य परिषद् सदस्य मोहिउद्दीननगर विधान सभा सह जिला सचिव रालोसपा समस्तीपुर रंजीत कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार वासियों को शिक्षित नहीं साक्षर बनाने का काम किया है। बिहार का विकास नहीं विनाश कर रहे हैं। इन्होंने अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किये हैं। डिग्री लाओ और नौकरी पाओ। इस व्यवस्था को लाकर बिहार के नौजवानो के साथ छल किया गया है। यह बहुत बड़ा अपराध है। नौजवानों के साथ धोखा है। डिग्री लाओ नौकरी पाओ यह व्यवस्था वर्ष 2006 में लागू किया गया है। 3.5 लाख लोगों ने इसी व्यवस्था के आधार पर शिक्षक बनने का काम किया है। बहुत सारे ऎसे लोग जिन्होनें कभी विद्यालय का मुह नहीं देखा। कभी विद्यालय /महाविद्यालय /विश्वविद्यालय तक नहीं गया और ऐसे लोग फर्जी प्रशिक्षित शिक्षक की डिग्री खरीद कर प्रशिक्षित शिक्षक बनने का काम किया है। आज बिहार के विद्यालयों में कार्यरत हैं। बहाली की जॉच की जाय इसकी घोषणा मुख्यमंत्री जी के द्वारा किया गया है। जिस जॉच के क्रम में बहुत सारे शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी पाया गया है। बहुत सारे लोगों की डिग्री फर्जी पाया गया है। इस आधार पर शिक्षक के पद से हटाये गये हैं। और अभी भी बहुत सारे फर्जी शिक्षक कार्यरत हैं। उदाहरण के लिए ताजपुर प्रखंड अंतर्गत मुरादपुर बंगरा पंचायत में वर्ष 2006 में प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में बहाल हुए शिक्षक ( 1 ) प्रशांत कुमार, पिता - रामलखन महतो, प्राथमिक विद्यालय चकभिखारी वार्ड संख्या - 12 ( 2 ) रंजू कुमारी, पति-प्रशांत कुमार, नव सृजीत प्राथमिक विद्यालय मुरादपुर बंगरा वार्ड संख्या - 01 ( 3 ) सुनिता कुमारी, पति-वेद प्रकाश आर्य प्राथमिक विद्यालय उर्दू हसनपुर सरसौना वार्ड संख्या - 09 में नियुक्त किए गए हैं। आज तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी यह साबित नहीं कर पाए हैं कि इनका नियुक्ति सही है कि गलत है। इनकि डिग्री सही है कि गलत है। सिर्फ घोषणा करने में लगे रहते हैं। ऎसे फर्जी शिक्षक को नियुक्त कर के बिहार के लोगों को शिक्षित नहीं साक्षर बनाने का काम कर रहे हैं। बिहार को विकास नहीं विनाश कर रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री जी बिहार का विकास कर रहे हैं तो आज तक ये फर्जी शिक्षक मुरादपुर बंगरा पंचायत में कैसे कार्यरत हैं। आपके पदाधिकारी शिक्षक के रूप में इनसे काम कैसे ले रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से पुछना चाहता हूँ कि क्या यही विकास है। फर्जी शिक्षक बहाली करने का काम किये हैं। आखिर ये फर्जी शिक्षक ये कैसे नियुक्त है। मै मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को ध्यान आकृष्ट कराते हुए मॉग करता हूँ कि शिक्षक नियुक्ति वर्ष 2006 से संबंधित नियुक्ति की जॉच सीबीआई से कराई जाए। जितने भी शिक्षक नियुक्त किए गए हैं उनका डिग्री सही है कि नहीं। उनके डिग्री कि जॉच में सही पाये जाने पर शिक्षक के रूप में कार्य कराया जाय।अन्यथा जिनका डिग्री फर्जी हैं, नियुक्ति फर्जी हैं। उन सभी शिक्षकों पर अविलंब एफ0 आई0 आर0 दर्ज कराई जाय और अभी तक जो पैसा सरकार से ले रहे हैं। वेतन शिक्षक के रूप में ले रहे हैं । फर्जी शिक्षकों से वसूली कर सरकार के खजाने में पैसा लॉटाया जाय। बिहार के लोगों को साक्षर नहीं शिक्षित बनाया जाय। बिहार का विकास कराया जाय। बिहार के नौजवानो को रोजगार दिया जाय। राज्य परिषद् सदस्य मोहिउद्दीननगर विधान सभा सह जिला सचिव रालोसपा समस्तीपुर रंजीत कुमार ।

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