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बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी फिल्मों तक अपनी शानदार अभिनय के बदौलत देशभर में पहचान बना चुकीं हैं शुभी शर्मा से खास बातचीत अनूप नारायण सिंह के साथ

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अनूप नारायण सिंह 

मिथिला हिन्दी न्यूज :-दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना होती तमाम बाधाओं के बावजूद इंसान अपनी मंजिल को प्राप्त कर ही लेता है इस कहावत को वास्तविकता के धरातल पर अक्षरशः सत्य सिद्ध कर दिखाया है भोजपुरी के सुपरस्टार अभिनेत्री शुभी शर्मा ने।भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस शुभी शर्मा आज किसी भी पहचान के लिए मोहताज नहीं हैं. बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी फिल्मों तक अपनी शानदार अभिनय के बदौलत देशभर में पहचान बना चुकीं हैं।शुभी दिनेश लाल यादव 'निरहुआ', रवि किशन, पवन सिंह जैसे तमाम भोजपुरी के दिग्गज अभिनेताओं के साथ फिल्में कर चुकी हैं. बातचीत में उन्होंने बताया कि भोजपुरी फिल्मों से उन्हें अच्छी खासी पहचान मिली है और इसी के कारण आज वह एक सफल अभिनेत्री के रूप में देखी जाती हैं.
राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वालीं शुभी शर्मा ने बताया कि जब वह छोटी थीं तो वह इंडियन नेवी में जाना चाहती थीं, लेकिन क्लास 10 तक आते-आते उनका रुख फिल्मों की तरफ हो गया. उन्होंने अपनी अभिनय की शुरुआत लोकल लेवल पर की, लेकिन बाद में मुंबई आ गईं और उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का मौका मिला. इस दौरान शुभी ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए एमए (MA) किया. उन्होंने 'चलनी से चालल दूल्हा' से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा. पहली फिल्म से ही शुभी को अच्छी पहचान मिली. फिर क्या था शुभी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. बारी-बारी से उन्होंने कई भोजपुरी फिल्में कीं, जिनमें से कई फिल्में सुपरहिट साबित हुई.
इस दौरान शुभी को कई भोजपुरी फिल्मों के अवॉर्ड्स भी मिले, जो उनके हौसले को बुलंद करने के लिए काफी थें. भोजपुरी के साथ-साथ शुभी ने हिंदी फिल्मों को भी अपना साथी बनाए रखा. उन्होंने 'ऑब्जेक्शन माई गॉड', 'मनी है तो हनी है' और 'वेलकम बैक 2' जैसी बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है. 'ऑब्जेक्शन माई गॉड' शुभी की अपकमिंग हिंदी मूवी है. साथ ही उन्होंने बंगाली और तमिल फिल्मों में भी काम किया है. हाल ही में रिलीज हुई शुभी की भोजपुरी फिल्म 'बॉर्डर' की देशभर में तारीफ हुई. दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' की इस फिल्म को लोगों ने भोजपुरी फिल्मों में एक नई क्रांति के रूप में देखा, जिसमें कहीं भी कोई अश्लीलताएं नहीं परोसी गई थीं. यह एक फुल फैमिली पैक फिल्म थी, जिसने भोजपुरी बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा बिजनेस किया और अभी भी इस फिल्म का क्रेज खत्म नहीं हुआ है।
आज शुभी जो कुछ भी हैं, उसमें उनकी 'मेहनत' और उनके 'परिवार वालों का सपोर्ट' का महत्वपूर्ण रोल है. शुभी बताती हैं कि जब वह इस क्षेत्र में आना चाहती थीं, तो परिवार वालों ने उनका पूरा सहयोग दिया, हालांकि शुरुआती दौर में उनके पिता जी इस बात पर राजी नहीं थे कि उनकी बेटी इस क्षेत्र में आए, लेकिन वक्त के साथ-साथ शुभी के पिता जी को भी यह समझ में आ गया कि शुभी इस क्षेत्र में काफी आगे जा सकती है. शुभी ने कहा कि शुरुआती दौर में उनकी मां और दीदी का सपोर्ट बहुत मिला. जब शुभी जयपुर से मुंबई का सफर तय कर रही थीं तो उनके पास सिर्फ एक साल था. घरवालों ने उन्हें एक साल का वक्त दिया था, इस दौरान उन्हें कभी पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी, क्योंकि उनके घरवाले उनके साथ थे. शुभी ने एक साल के अंदर खुद को स्थापित किया, जिससे उनके परिवारवालों को बेहद खुशी हुई. शुभी आज किसी की पहचान की मोहताज नहीं हैं. उनकी मेहनत और काम के प्रति लगन ने उन्हें वह प्रसिद्धि प्रदान की है, जो एक सक्सेसफुल पर्सन में होता है. वहीं, भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलताओं पर किए गए एक सवाल पर शुभी ने बताया कि भोजपुरी फिल्में अब एक नए दौर में प्रेवश कर चुका है, जहां अश्लीलता नाम की कोई शब्द नहीं होती, बस कुछ ऐसे लोग हैं जो डबल मिनिंग वाली छोटे-मोटे एल्बम निकालते हैं, जिससे भोजपुरी फिल्में बदनाम होती है. उन्होंने हालिया रिलीज हुई 'बॉर्डर' जैसी भोजपुरी फिल्म का उदाहरण देते हुए बताया कि इस फिल्म को पूरे परिवार के साथ लोगों ने देखा और इसकी हर जगह तारीफें भी हुईं.

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