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बिहार में जेडीएस ने फूँका चुनावी बिगुल, पूर्व प्रधानमंत्री व पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष देवगौड़ा पटना में जल्द करेंगे समीक्षा

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अनूप नारायण सिंह 

मिथिला हिन्दी न्यूज पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नज़दीक आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई। इन सबके बीच जनता दल (सेक्युलर) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है।
 
जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच डी देवगौड़ा इसी महीने पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर अपने मुद्दों को जनता के समक्ष रखेंगे।
 
पार्टी सुप्रीमो देवेगौड़ा ने कहा, "बिहार को एक नये विचार और दिशा की ज़रूरत है। कोरोना और बाढ़ ने बिहार सरकार की नाकामियों को उजागर किया है। लोगों को बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। महामारी और बाढ़ की दोहरी मार झेल रही बिहार की जनता के प्रति मेरी पूरी संवेदना व सहानुभूति है। मैंने पार्टी के समस्त सदस्यों से कहा है कि जद(एस) के आधार का विस्तार किया जाए और साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा दिखाए गए उत्साह और उत्साह के मद्देनजर सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए खुद को तैयार किया जाए।"
 
मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक़ देवगौड़ा ने पार्टी के पदाधिकारियों से कहा है कि बिहार के कई नेता उनके संपर्क में हैं और वे चुनाव में अपनी भूमिका निभाने के लिए जद (एस) में शामिल होंगे।
 
बिहार में जेडीएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व चुनाव अभियान समिति के प्रमुख श्री ललित सिंह ने कहा कि तीन ज्वलंत मुद्दों के साथ पार्टी बिहार चुनाव में उतरी है, किसान, मजदूर और छात्र। नीतीश सरकार पर हमलावर होते हुए कहा, "बिहार सरकार ने कोरोना काल में मज़दूरों के साथ जो अन्याय किया है उसका जवाब देने का वक़्त आ गया है। क्वारंटाइन केंद्रों के नाम पर बिहार में लूट खसोट मचाई गई।"
 
श्री ललित सिंह ने आगे कहा कि आज युवा रोज़गार माँग रहे हैं लेकिन उस विषय पर बिहार में कभी चर्चा ही नहीं होती। "आज लाखों युवा बेरोज़गार बैठे हैं। उन्होंने दिन रात मेहनत की लेकिन आज सरकार में वैकेंसी ही नहीं है। वहीं दूसरी तरफ़ किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। फसल किसान उगाएँ, मगर दाम तय करें अधिकारी। ये अन्नदाताओं के साथ अन्याय है।"
 
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व कर्नाटक जेडीएस के अध्यक्ष श्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा, "बिहार में विकास की कोई गति नहीं है। इतने वर्षों तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद नीतीश सरकार रोज़गार के एक अच्छी फैक्ट्री नहीं लगवा पाई। लिहाज़ा, आज मजदूरों को पलायन झेलना पड़ रहा है। राज्य में बढ़ते अपराध के चलते कोई भी नामी कंपनी यहाँ अपना कारोबार नहीं करना चाहती। हम इस भय के माहौल को बदलना चाहते हैं। हमारी पार्टी बिहार में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है।"
 
बिहार जेडीएस के अध्यक्ष श्री हलधर कांत मिश्रा ने कहा कि कुछ समय पहले नीतीश कुमार केंद्र से बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा करते थे, अब वो विशेष राज्य का नाम तक नहीं लेते। क्या अब बिहार को विशेष आवश्यकता नहीं है? पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, गोपालगंज और अन्य जिलों में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। ऐसे में राज्य की जनता है भरोसा नीतीश सरकार से उठ चुका है। हमारी पार्टी तीन ज्वलंत मुद्दों पर संघर्षरत है और लगातार लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है।"

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