17 अक्टूबर राशिफल : नवरात्रि में क्या कहते हैं मेष से मीन तक के सितारे, जानें अपना आज का राशिफल - mithila Hindi news

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17 अक्टूबर राशिफल : नवरात्रि में क्या कहते हैं मेष से मीन तक के सितारे, जानें अपना आज का राशिफल

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द्वितीय आश्विन,शकलपक्ष:,(शुद्ध:), शक संवत 1942,विक्रम संवत् 2077,दक्षिणायन,दक्षिण गोलः,शरद ऋतु,उत्तरे काल:।
प्रतिपदा तिथि रात्रि 11:38तक,उपरांत द्वितीया आरंभ, चित्रा नक्षत्र दिन के 02:33तक,उपरांत स्वाती,चंद्रमा तुला राशि में अहोरात्र,सूर्योदय 06:18,सूर्यास्त05:42 बजे।उपरोक्त्त मिथिला क्षेत्रीय पंचांग अनुसार।
 आपको बता दें :- इस बार 17 अक्टूबर, शनिवार से नवरात्रि का भी आरंभ हो रहा है। वहीं इसी दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश भी करने वाले हैं। सनातन धर्म में जब भी सूर्य का राशि परिवर्तन होता है, उसे संक्रांति के रूप में जाना जाता है। इसके बाद सूर्य 16 नवंबर को प्रात: तक तुला राशि में ही रहेंगे। जिसका सभी राशियों पर असर होगा। 
ग्रहों के राजा व आत्मा के कारक सूर्य ग्रह आगामी 17 अक्टूबर, 2020 को प्रातः कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य को इस ब्रह्मांड के प्राण के तौर पर देखा जाता है जो प्रकृति की हर रचना को ऊर्जा प्रदान करते हैं। ध्यान रहे मेष राशि में सूर्य को उच्च का और तुला राशि में नीच का माना जाता है।

पंकज झा शास्त्री 9576281913 के द्वारा जानते हैं कि चंद्र राशि आधारित पुकार नाम अनुसार राशियों का बोलचाल आज के दिन क्या कहता है जानते है।

01. मेष राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से सप्तम भाव में रहेंगे। इस भाव को विवाह भाव भी कहते हैं। इसके चलते मेष राशि के जातक इस गोचर के दौआरन वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ व्यापार या जॉब में भी कुछ परेशानियां आपको घेर सकती हैं।

उपाय- अपने दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में तांबे या सोने की अंगूठी में रूबी रत्न धारण करें, लेकिन किसी जानकार से सलाह लेने के बाद ही।

02. वृषभ राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से 6ठें भाव में रहेंगे। इस भाव को शत्रु व रोग भाव भी कहते हैं। ऐसे में इस राशि के लोगों को कारोबार या पार्टनरशिप में बहुत फायदा हो सकता है। परिवार में समय अच्‍छा बितेगा। शत्रु आपसे परास्‍त होंगे। आपका साहस बढ़ेगा। नौकरी में नए दायित्‍व मिल सकते हैं। आय के नए रास्‍ते खुल सकते हैं।

उपाय- प्रति दिन सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करें।

03. मिथुन राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से पांचवे भाव में रहेंगे। इस भाव को पुत्र व बुद्धि भाव भी कहते हैं। सूर्य का यह राशि परिवर्तन मिथुन राशि के लोगों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इसी गोचर काल में आपके परिवार में चली आ रही समस्‍याओं का भी समाधान होगा। आपकी बात हर व्‍यक्ति ध्‍यान से सुनेगा। आपके जीवन में लंबे समय से चले आ रहे रोग से तो आपको निजात मिलेगी ही, साथ ही सांपत्तिक मामलों में भी आपके पक्ष में निर्णय आने के योग हैं।

उपाय- रविवार के दिन तांबे का दान करें।

04. कर्क राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से चौथे भाव में रहेंगे। इस भाव को सुख व माता का भाव भी कहते हैं। कर्क राशि के जातक सूर्य गोचर की पूरी आवधि के दौरान मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं... वे लोग जो अपनी नौकरी बदलने की कोशिश में लगे हैं उनके लिए यह समय लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

उपाय- हर रोज राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

05. सिंह राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से तीसरे भाव में रहेंगे। इस भाव को पराक्रम व छोटे भाई बहनों का भाव भी कहते हैं। सूर्य का राशि परिवर्तन सिंह राशि के लिए शुभ है। रुका हुआ धन मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्‍व एवं सम्‍मान बढ़ सकता है। यदि आपका प्रापर्टी से जुड़ा कोई प्रकरण चल रहा है तो उसमें आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक उन्‍नति के भी योग हैं।

उपाय- सोने या तांबे में जड़ित स्टार रूबी रत्न (5-6 कैरेट) पहनें, लेकिन किसी जानकार से सलाह लेने के बाद ही।

06. कन्‍या राशि
इस समय सूर्य आपकी राशि से दूसरे भाव में रहेंगे। इस भाव को धन भाव भी कहते हैं। कन्‍या राशि के लोगों को धन लाभ होता दिख रहा है। इस अवधि में आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यालय में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सब ठीक रहेगा। पर्यटन की योजना बन सकती है।

उपाय- सूर्य की उपासना करते हुए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

07. तुला राशि
इस दौरान सूर्य आपकी ही राशि यानि लग्न रहेंगे। इस भाव को स्वयं भाव भी कहते हैं। सूर्य के आपकी राशि में गोचर करने की वजह से आपको कुछ मानसिक तनाव और शत्रु भय का सामना करना पड़ सकता है... आपको अपने धन का व्यय पूरी समझदारी के साथ करने की सलाह दी जाती है। आपको विवाहित जीवन में भी कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती है।

उपाय- प्रतिदिन 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

08. वृश्चिक राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से 12वें भाव में रहेंगे। इस भाव को व्यय भाव भी कहते हैं। वृश्चिक राशि के जातक इस दौरान अपने खर्चों से परेशान रह सकते हैं... जिसके परिणामस्वरूप आपका आर्थिक पक्ष काफी हद तक कमजोर होने लगेगा। साथ ही धन हानि की भी प्रबल संभावना नजर आ रही है।

उपाय- सूर्य देव की उपासना में सूर्य अष्टकम का पाठ करें।

09. धनु राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से 11वें भाव में रहेंगे। इस भाव को आय भाव भी कहते हैं। गोचर काल में आपकी स्थिति सुधरेगी। धन की प्राप्ति होगी। दोस्‍तों के साथ समय व्‍यतीत कर सकेंगे। लंबे समय से चली आ रही समस्‍याओं का अंत होगा।

उपाय- रविवार के दिन गाय को गुड़ खिलाएं।

10. मकर राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से दसवें भाव में रहेंगे। इस भाव को कर्म व पिता का भाव भी कहते हैं। मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का राशि परिवर्तन मंगलकारी परिणाम देगा। इस अवधि में आपके भीतर नई ऊर्जा पनपेगी। आय के स्‍त्रोत खुलेंगे। जमीन एवं वाहन खरीदने का यह शुभ समय है। मित्रों से सहायता प्राप्‍त होगी।

उपाय- घर की उत्तर-पूर्व दिशा में सूर्य देव की तस्वीर लगाएं, और हर रोज उन्हें धूप—दीप दिखाएं।

11. कुंभ राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से नवें भाव में रहेंगे। इस भाव को भाग्य भाव भी कहते हैं। सूर्य के तुला राशि में रहते हुए आपको यात्रा ना करने की हिदायत दी जाती है... खसकर अगर यह यात्रा जॉब या बिजनेस से संबंधित है तो इसे पूरी तरह टालने का ही प्रयास करें। ऑफिस में आपके सीनियर्स आपसे नाराज रह सकते हैं... अपनी गतिविधियों पर नियंत्रण रखें।

उपाय- भगवान सूर्य की सोने की परत वाले पैंडेंट के साथ सोने की चेन पहनने।

12.मीन राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से आठवें भाव में रहेंगे। इस भाव को आयु भाव भी कहते हैं। सूर्य के तुला राशि में गोचर होने से आपको संभलकर रहने की सलाह दी जारी है... अगर आप लोन या उधार लेने का मूड बना रहे हैं, तो या तो उसे 17 अक्टूबर से पहले लें या बाद में।

उपाय- किसी जरुरी काम पर जाने से पहले पिता या पितातुल्य लोगों का आशीर्वाद लें।

उपरोक्त कोई जरूरी नहीं कि सभी शब्द किसी एक व्यक्ति विशेष पर मिल ही जाए अतः बेहतर परिणाम जानने हेतु जन्मकुंडली का अध्यन जरूरी होता है।

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