बाढ़ के पानी में डूबे सैकड़ों एकड़ भूमि में धान की फसल बर्बाद - mithila Hindi news

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बाढ़ के पानी में डूबे सैकड़ों एकड़ भूमि में धान की फसल बर्बाद

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विमल किशोर सिंह 



मिथिला हिन्दी न्यूज :-सीतामढ़ी/जिले के बैरगनिया प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ व बरसात की पानी से प्रखंड के पताही व जमुआ पंचायत के सैकड़ो एकड़ भूमि पानी मे डूबे रहने से फसल बर्बाद हो रहा है वही मड़पा-जमुआ सड़क में एक किलोमीटर तक सड़क पर दो-तीन फीट पानी होने से लोगों का आवागमन दुश्वार हो चुका है।पताही पंचायत के मुखिया चिंतावन राम,जमुआ के मुखिया प्रतिनिधि विजय साह बताते है कि बैरगनिया शहरी क्षेत्र से लेकर नन्दबारा,बेलगंज,जोड़ियाही,पचटकी आदि से करीब 12 फीट नीचे पताही,जमुआ का इलाका है।लालबकैया नदी में उफान आने पर स्यूलिसगेट के खोले जाने व बरसात का पानी चलकर इन्ही क्षेत्र के निचले इलाके में फैलता है जिसके कारण।प्रत्येक बर्ष इस क्षेत्र के सैकड़ो एकड़ में लगी धान,गन्ना के फसल बर्बाद होते रहते है।जनप्रतिनिधियों ने बताया कि दोनों पंचायत का अधिकांश क्षेत्र जलमग्न रहता है जिसका नजारा कभी भी देखा जा सकता है।मड़पा-जमुआ मुख्य सड़क जो जमुआ घाट सड़क पुल होकर पूर्वी चंपारण को जोड़ती है उसपर बर्तमान में करीब दो-तीन फीट पानी सड़क पर जमा है फलतः साइकल,बाइक के साथ पैदल चलने वाले लोगों की परेशानी का सहज अंदाज लगाया जा सकता है।उत्पन्न समस्या पर स्थानीय अधिकारी चुनाव आचार संहिता की बात कर रहे है ऐसी परिस्थिति में आवागमन दुश्वार हो चुका है।जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व के बर्षो में ग्रामीणों ने प्रखंड से लेकर जिले के आला अधिकारियों को समस्या के बाबत आवेदन देकर निदान हेतु एक और स्यूलिस गेट का निर्माण की मांग की थी ताकि नदी का जलस्तर कम होने पर सुलुइस गेट को खोलकर पताही,जमुआ पंचायत क्षेत्र को जल जमाव से मुक्ति दिलाकर फसल के साथ क्षेत्र के लोगों के जीवन दशा को सुधारा जा सके बाबजूद कोई भी फरियाद सुनने को तैयार नहीं है और लोग सड़क पर पानी को हेलकर आने-जाने को बाध्य है।

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