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ज्योतिष पंकज झा शास्त्री जी के अनुसार 2021 साल कैसा रहेगा, जानिये साल का ज्योतिष विश्लेषण

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पंकज झा शास्त्री 




मिथिला हिन्दी न्यूज :-अंग्रेजी नव वर्ष 2021 को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता बनी हुई है। लगभग सभी लोगों के मन में 2021 में होने वाली घटनाओं को जानने की जिज्ञासा बनी हुई होती है,इसके लिए सभी का ध्यान ज्योतिष के द्वारा की जा रही शब्दों पर होता है।
ज्योतिषियों के अनुसार कुछ घटना प्राकृति के अधीन है जिसे साधारण को समझना कठिन है परंतु कुछ घटनाओं को ज्योतिष के माध्यम से जानकार संकेत मिलना संभव है।

इस बार अंग्रेजी नव वर्ष 2021 पुष्य नक्षत्र में हो रहा है साथ ही चंद्रमा कर्क राशि में अहोरात्र रहेगा।
ज्योतिषीय आकलन के आधार पर देखा जाय तो 2020 के मुकाबले 2021 कई तरह से बदतर होने का संकेत है,जिसमे अकाल,त्रासदी,भूकंप, बाढ़,भूस्खलन,आसमानी आफ़द,रोग ,जन आंदोलन,हिंसा,राजनीति उथपल पुथल,नाजुक स्थिति प्राकृतिक अप्राकृतिक घटनाओं से पृथ्वी पर कई जगह जीवन अस्तव्यस्त हो सकती है ।

वर्ष के आरंभ में सुभीक्ष तथा खाद प्रदार्थ के मूल्य सामान्य रहेंगे। शित लहर और रोग का प्रभाव बना रहेगा। शासन द्वारा कल्याणकारी कर्य होंगे।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में असंतुलन बना रहेगा।

चतुर्ग्रही योग से प्राकृतिक प्रकोप तथा जन धन की हानि होगी,परिवहन दुर्घटना संभव है।
बजट में शिक्षा,आरोग्यता तथा सैन्य खर्च एवं कृषि के संबंध में विशेष प्रावधान होंगे।
कुटीर उद्योगों के संवर्धन के प्रयास तथा करो मे वृद्धि हो सकती है।

इस वार विक्रम संवत् 2078 कर आगमन 13अप्रैल 2021 मंगलवार से प्रारंभ हो रहा है। इस वर्ष के राजा का पद भूमि पुत्र मंगल को प्राप्त है तथा मंत्री का अधिकार भी मंगल को ही मिला है।
फलस्वरूप मनुस्यों को अग्निभय चोरो का उत्त्पात,राजाओं में विग्रह , जनता को दुख तथा रोगादि से कष्ट होगा।
पश्चिमी राष्ट्रों मे राजनीतिक अस्थिरता रहेगी। किसी प्रधान नेता को विसम परिस्थिति में उलझना पड़ेगा।
यूरोपीय कुछ राष्ट्रों मे आर्थिक स्थिति को लेकर अराजकता उत्तपन्न होगी।
देश में आरोग्यता का प्रसार होगा।जीवन रक्षक औषधियों के मूल्यों में कमी होगी।
 शोध व अनुसंधान तथा संचार क्षेत्र में प्रगति होगी।
पूर्वी राष्ट्र में प्राकृतिक प्रकोप से जन धन की हानि हो सकती है।
प्रमुख मुस्लिम राष्ट्र में युद्ध का भय व्याप्त होगा,उग्रवादी घटना घटित होगी। भूकंप आदि प्राकृतिक प्रकोप होगा। किसी प्रभावी व्यक्ति के पद रिक्त होने का संकेत है।
कहीं आतंकवादी गतिविधि के फलस्वरूप या दुर्घटना से रक्तपात होगा। जन धन की हानि तथा छत्र भंग होगा।
मंगल शनि का षडाष्टक योग जिसके प्रभाव से दुर्घटना में वृद्धि होगी एवं अशांति का माहौल बना रहेगा।
जब बुध और शुक्र वृष राशि में होकर राहु के साथ युति बनाएंगे तो महिलाओं पर अत्याचार बढ़ सकती है। मंगलवारी आमावस्या के होने से भूकंप या अन्य प्राकृतिक प्रकोप संभव है।
मंगल का नीच राशि में होने पर एवं शनि की दृष्टि से भारत पाक या अन्यत्र सीमा प्रांतों पर जन धन की हानि हो सकती है।
शनि राहु के नव पंचक योग से अमेरिका और इंग्लैंड का अन्य महा शक्तियों के साथ मत्तभेद रहेगा।
सूर्य शनि का षडाष्टक योग से देश के पश्चिमी व पूर्वी भागो मे जैसे महाराष्ट्र,कर्नाटक,गुजरात,मध्यप्रदेश, राजस्थान में गर्मी का प्रकोप ज्यादा रहेगा।
अक्समिक विस्फोट या कम्पन से परेशानी हो सकती है।
यवन के कुछ राष्ट्रों मे अप्राकृतिक नकारात्मक घटना बढ़ेगी।
मंगल का शनि से शडाष्टक योग कही भयंकर रक्तपात करा सकता है।
राजनीतिक उथल पुथल होगी किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के निधन से शोक व्याप्त हो सकता है।
गुरु से सूर्य मंगल का समसप्तक योग होने से पश्चिमी प्रांतों में नवीन क्रांति का उदय होकर जन उपद्रव से शासकों मे भय उत्तपन होगी। विपक्षी ज्यादा हड़कंप मचाएंगे।
शनि पर राहु की दृष्टि नव पंचक योग से रूस, चीन,अमेरिका इराक मे आतंकवाद का भय रहेगा।
व्यपारियों का आर्थिक स्थिति प्रगति की ओर होगा।
जब गुरु वक्री मकर राशि में आकर शनि के साथ संबंध बनाएगा तब पूर्वी प्रांतों मे उग्रवादी घटना या पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप हो सकती है।
राजनयिक में आपसे फुट पर सकती है। बिहार,बंगाल,आसाम मे अराजकता होने का संकेत है।
नीचस्थ सूर्य पर शनि की दृष्टि अरब ,इराक,पाकिस्तान,अफगानिस्तान राष्ट्रों में आपसी मतभेद बनकर विग्रह बढ़ाएगा।
 शुक्र पर राहु की द्रष्टि से मुस्लिम राष्ट्रों में अशांति एवं रक्तपात या युद्ध की स्थिति हो सकती है।
भारत की स्थिति सुधरेगी।
जब धनु राशि में शुक्र प्रवेश करेंगे तो अनाज महगा हो सकता है।
पश्चिमी राष्ट्रों मे अशांति ,तनाव, बना रहेगा।
अर्थ व्यवस्था की धीमी विकास दर तथा बढ़ रही बेरोजगारी भारतीय राजनीतिक दलों,संगठनों तथा नेताओं को सोचने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
लद्दाख के कुछ इलाकों में घुसपैठ हो सकता है इससे भारत को सावधान रहना चाहिए।
राजनीतिक स्तर मे विशेष उतार चढ़ाव रहेगा।
नोट - वैसे हर घटना किसी नया बदलाव के लिए होता है जिसमे नकारात्मक और सकारात्मक दोनों हो सकता है। सभी को सकारात्मक विचार को अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।

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