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कोरोना के नए स्ट्रेन से बचाव में भी हाथ धोना ही बेहतर - नए कोरोना वैरिएंट से डरने की नहीं है जरूरत

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मास्क और दो गज की नियमित दूरी है जरूरी हथियार 

प्रिंस कुमार 

सीतामढ़ी, 30 दिसंबर। 
   पूरे विश्व में कोरोना के नए रूप को लेकर चर्चाएं तेज है। वहीं इस नए स्ट्रेन के भारत पहुंचने की भी पुष्टि हो चुकी है, पर इन सबके बीच एक राहत भरी खबर भी है। वह यह कि कोरोना के इस नए रुप से भी बचाव के जो तरीके हैं वह हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग ही है। हम इस कोरोना के नए स्ट्रेन से बचने के लिए भी उन्हीं बातों का अनुशरण करें जो हमने पूरे कोरोना काल में किया है। कोरोना के इस नए स्ट्रेन के बारे में डब्ल्यूएचओ ने भी एक ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोविड 19 के नए वैरिएंट को लेकर वह प्रभावित देशों से संपंर्क में है । साथ ही वादा किया कि जितनी भी जानकारी इस संदर्भ में मिलेगी वह देशों की सरकारों के साथ इसे साझा करेगा। 

नए वैरिएंट से बचाव का तरीका वही
डब्ल्यूएचओ ने अपने ट्वीट में यह कहा कि वह लोगों को कोविड 19 से बचाव में इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों को जारी रखे। मालूम हो कि कोरोना के आगमन समय से ही इसके बचाव के तरीकों में हाथ धोने कि प्रक्रिया को काफी असरदार माना जा रहा है। वहीं डब्ल्यूएचओ ने सोशल डिस्टेंसिंग में भी कम से कम छह फीट की दूरी को असरदार माना है। मास्क के प्रयोग पर भी काफी बल दिया गया है। 

सीएसआइआर ने भी कहा डरने की जरूरत नहीं 

सीएसआइआर (द काउंसिल ऑफ साइंटीफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च) के डायरेक्टर जनरल डॉ शेखर मांडे भी एक टेलीविज़न के शो में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कोविड 19 के इस नए वैरिएंट से कोई विशेष डरने की जरूरत नहीं है। अभी तक कोरोना के लिए हमने जो सावधानी बरती है। वह इसके प्रसार से बचने में भी काफी असरदार होगा। नए वायरस से अधिक और गंभीर संक्रमण की भी अभी प्रयोगशाला आधारित प्रमाण नहीं मिले हैं। अभी जांच चल ही रही है। 

कोरोना वैक्सीन आने और उसके बाद भी इन उपायों पर अमल करना जरुरी
– व्यक्तिगत स्वच्छता और 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
– बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
– साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
– छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
– उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
– घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
– बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 2 गज की दूरी बनाए रखें.
– आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
– मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
– किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
– कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
– बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें।

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