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काम में जोखिम है, पर हिम्मत उससे भी ज्यादा

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- सदर अस्पताल में लैब टेक्नीशियन ने सैंपल कलेक्शन से लेकर कोरोना जांच में सराहनीय कार्य किया है
प्रिंस कुमार 

वैश्विक महामारी के इस दौर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच चिकित्सक से लेकर सफाईकर्मी तक सभी अपनी जिम्मेवारियों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। लेकिन, कोरोना की इस लड़ाई में सबसे कठिन कार्य कर रहे हैं लैब टेक्नीशियन। जिले में सदर अस्पताल के लैब टेक्नीशियन पवन कुमार, केशव कुमार, टुनटुन कुमार, अनिल कुमार, मो जावेद अनवर, नितेश्वर झा ने सैंपल कलेक्शन से लेकर कोरोना जांच में सराहनीय कार्य किया है। ये लोग अब तक सैकड़ों से अधिक लोगों के सैंपल ले चुके और जांच कर चुके हैं। वहीं सभी की मॉनिटरिंग करने वाले डॉ राहुल भी इनके साथ मिलकर जिले को कोरोना मुक्त करने में लगे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में इनके कार्य की सराहना स्वास्थ्य विभाग कर रही है।

काम में है जोखिम, पर हिम्मत ज्यादा
कोरोना मरीज की पहचान से लेकर इलाज तक की प्रक्रिया में लैब टेक्नीशियन का जांच कार्य एवं कोरोना मरीजों के सैंपल लेने का कार्य अत्यधिक जोखिम भरा होता है। क्योंकि, सैंपल लेने के दौरान मरीज और लैब टेक्नीशियन के बीच दूरी न के बराबर रहती है। डॉ राहुल कहते हैं कि कोरोना संदिग्धों का स्वाब लेते समय भी मरीज को कई बार खांसी आ जाती है और तो और कई बार उल्टी भी हो जाती है। जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा हर समय बना रहता है। हालांकि, सैंपल प्राप्त करने का कार्य टेक्नीशियन पीपीई किट पहनकर ही अंजाम देते हैं। बावजूद इसके इस कार्य में जोखिम है। मो जावेद अनवर कहते हैं कि जब पूरे विश्व पर कोरोना का संकट छाया हुआ है तो वे लोग इससे कैसे मुंह मोड़ सकते हैं। 

शुरुआत में लगता था डर
लैब टेक्नीशियन अनिल कुमार बताते हैं कि “पहली बार जब सैंपल कलेक्शन कर रहे थे तो उनके साथ अन्य सभी के मन में एक डर था। मन में कोरोना संक्रमण का भय बना रहता था। लेकिन अब तो हर रोज के कार्यो में सैंपल कलेक्शन और सैम्पल की जांच करना आदत में शामिल हो गया है। अब डर के विचार को त्याग कर अपने काम में लग जाते हैं।“  

कोरोना वैक्सीन आने तक इन उपायों का करते रहें इस्तेमाल 
– व्यक्तिगत स्वच्छता और 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
– बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
– साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
– छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
– उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
– घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
– बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 2 गज की दूरी बनाए रखें.
– आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
– मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
– किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
– कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
– बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें।

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