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मातृ शिशु पुराना सदर अस्पताल को व्यवस्थित करने को लेकर हुआ आंदोलन

प्रिंस कुमार 

शिवहर:--जिला के पुराना शहर के बीचो बीच मातृ शिशु पुराना सदर अस्पताल की बेहतर व्यवस्था, सौंदर्यीकरण एवं व्यवस्थित तरीके से चलाने को लेकर मातृ शिशु सदर अस्पताल में विचार विमर्श को लेकर एक सेमिनार किया गया है जिसके जिला संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश नंदन सिंह थे वहीं मंच का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद प्रकाश ने की।

इस बाबत अधिवक्ता सतीश नंदन सिंह ने बताया है कि शहर के बीचोबीच तथा लगभग 100 वर्षों से पुराना सदर अस्पताल को आज मातृ शिशु अस्पताल किया गया है लेकिन यहां ओपीडी चलाने से काम नहीं चलेगा, यहां सभी आधुनिक व्यवस्था को दुरुस्त करनी होगी, तकरीबन 100 वर्षों से पहले वैध हकीम रहा करते थे ,जमाना बदलता गया इसे अनुमंडलीय अस्पताल बनाया गया फिर सदर अस्पताल बनाया गया अब मातृ शिशु अस्पताल का दर्जा दिया गया पर सुविधा है नदारद।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पार्षद अजब लाल चौधरी, लोजपा जिलाध्यक्ष विजय पांडे, संघर्षशील युवा अधिकार मंच के संयोजक आदित्य कुमार, संजय संघर्ष सिंह सहित राजद नेता रामचंद्र प्रसाद गुप्ता, मोहम्मद नसीम आदि ने अपने-अपने विचार रखे तथा बताया है कि

गौरतलब हो 22 फरवरी 1981 को रेफरल अस्पताल का विधिवत शिलान्यास राज्य सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर जगन्नाथ मिश्रा ने की थी वही 18 अप्रैल 1983 को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्रा ने किया था उस समय शिवहर जिला के जनक तथा बिहार विधानसभा के सदस्य रघुनाथ झा भी मौजूद थे। गौरतलब हो कि इस मातृ शिशु अस्पताल को बेहतर बनाने को लेकर रघुनाथ झा ने अथक प्रयास किया था।

वक्ताओं ने मातृ शिशु सदर अस्पताल को सुव्यवस्थित करने, सभी उपकरणों से लैस रखने, तीन पाली में चिकित्सकों को बहाल करने तथा हर दवा को उपलब्ध करने को लेकर विचार विमर्श किया गया है तथा लोगों ने एकमत से मातृ शिशु अस्पताल को चलाने के लिए संघर्ष करने को तैयार हुए हैं।

लोगों का मानना है कि सरोजा सीताराम सदर अस्पताल भी चले तथा शहर के बीचो-बीच शिवहर शहर का हार्ट मातृ शिशु अस्पताल को भी व्यवस्थित करने की मांग की जा रही है।समाजसेवियों, प्रबुद्ध जनों एवं सामाजिक संगठनों सहित आसपास के दवा दुकानदारों, टेक्नीशियनों, जांच घरो के दुकानदारों ने भी इसके लिये एकता का परिचय दिया है तथा मातृ शिशु सदर अस्पताल को चलाने के लिए जिला अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपने के लिए तथा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों से मिलने की बात कही है।

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