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कृषि बिल की प्रतियां जलाते हुए कृषि कानून वापस लेने की केन्द्र सरकार से मांग

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पप्पू कुमार पूर्वे 

बिहार राज्य किसान सभा अंचल जयनगर के महिला किसान द्वारा बरही पंचायत में तीनों कृषि कानूनों की वापसी के सवाल पर दिल्ली बार्डर पर और पूरे देश में चल रहे किसान आन्दोलन के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज महिला किसानों ने बिहार राज्य किसान सभा अंचल कमिटी जयनगर के बैनर तले मार्च का आयोजन बरही पंचायत में किया गया और तीन कृषि बिल की प्रतियां जलाते हुए तीनो कृषि कानून वापस लेने की मांग केन्द्र सरकार से किया हैं ! साथ ही कार्यक्रम का नेतृत्व अनिता देवी ने किया । आयोजित सभा की अध्यक्षता महिला किसान नेता मंजू देवी ने की। विदित हो कि विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा था कि किसान आंदोलन में महिलाएं क्या कर रहीं हैं। आज का प्रतिवाद सुप्रीम कोर्ट के उसी आपत्तिजनक बयान के बाद निर्धारित था ।सभा को संबोधित करते हुए महिला नेताओं ने कहा कि देशभर के किसान भयानक ठंड में दिल्ली को चारों ओर से घेर कर पिछले 26 नवंबर 2020 से कानूनों को वापस लेनें की मांग कर रहे हैं। जबसे अध्यादेश आया था तभी से किसान आंदोलन रत हैं। इस क्रम में 70 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है जिसमें मानसा की एक महिला किसान भी हैं। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। किसान आंदोलन के विभिन्न रूप अख्तियार कर रहे हैं। फिर भी सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। उसे किसानों की बजाय अम्बानी - अडानी की चिंता अधिक है। ऐसे में सरकार एक तरफ किसानों वार्ता के नाम पर उलझाए हुए है तो दूसरी तरफ फर्जी किसान संगठनों का समर्थन हासिल कर रही है तो तीसरी तरफ किसान आंदोलन को तरह - तरह से बदनाम कर रही है। जब उसके सारे हथकंडे फेल हो गए तो सुप्रीम कोर्ट के जरिए एक कानून समर्थक कमिटी का निर्माण कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने यहां तक कह दिया कि इस आंदोलन में महिलाओं को नहीं शामिल किया जाना चाहिए। कोर्ट के इस महिला विरोधी फैसले की महिमा संगठन निंदा करते हैं और पूरे देश से महिलाएं महिला किसान दिवस के अवसर पर दिल्ली बार्डर पर जुट रही हैं। वे कार्यक्रम का संचालन करेंगी, भाषण देंगी और सरकार व कोर्ट की कारपोरेटपरस्ती का करारा जबाव देगी।इससे पहले भी विभिन्न महिला संगठन तीनों काले कानूनों की वापसी के लिए आन्दोलन रत हैैं। मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
 आगे वक्ताओं ने 40 किसान नेताओं को एनआईए द्वारा नोटिस देकर परेशान करने की घटना की निंदा और आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई करने से बाज आने की चेतावनी दी इस सभा को मीणा देवी, शीला देवी,गिरजा देवी ,राजबति देवी, किसान नेता रामजी यादव,किसान सभा के अंचल सचिव उपेन्द्र यादव ,DYFI के राज्य सचिव शशिभूषण प्रसाद ,कुमार राणा प्रताप सिंह, आत्मा राम यादव,बीर बहादुर यादव पूर्व मुखिया बरही ने संबोधित करते हुए कहा की एक तरफ किसानों का आंदोलन चल रहा है तो दूसरे तरफ से भाजपा नेता द्वारा पूरे देश में राम मंदिर के नाम पर पैसा उगाही कर किसान आंदोलन का विरोध कर रही हैं जो सरा सर गलत हैं।

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