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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुदृढीकरण के लिए जिला सदैव तत्पर: डॉ एपी सिंह

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- पिछले पांच वर्षो में संस्थागत प्रसव में 16.6 प्रतिशत की वृदि्ध  
- जिले के 68.3 प्रतिशत बच्चों के पास टीकाकरण कार्ड 
- सेन्टर फ़ॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च द्वारा मीडिया कार्यशाला का हुआ आयोजन
प्रिंस कुमार 

   जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में बुधवार को सेन्टर फ़ॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण एवं परिवार नियोजन सेवाओं पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति पूर्वी चंपारण सभी तरह की स्वास्थ्य सेवा के लिए तत्पर है। किसी भी स्वास्थ्य सेवा का आधार वहां के मातृ एवं शिशु का निम्न मृत्युदर है। जिसमें पूर्वी चंपारण का प्रयास काफी सराहनीय रहा है। पिछले पांच वर्षो के दौरान संस्थागत प्रसव 44.9 से बढ़कर 61.5 पर पहुंच गया है। वहीं जिले के 12 से 23 महीने के वैसे बच्चे जिनके टीकाकरण कार्ड हैं और टीका ले रहे हैं का प्रतिशत भी 49.3 से बढ़कर 68.3 हो गया है। सदर अस्पताल में कमजोर तथा गंभीर बच्चों के इलाज के लिए एसएनसीयू की व्यवस्था है। जहां सभी तरह के उपचार नि:शुल्क हैं।

 वहीं डीपीएम अमित अचल ने जिले में चल रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि कोविड के बावजूद जिले ने अपने प्रसव के लक्ष्य का 40 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। डीसीएम नंदन कुमार झा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक रंजीत कुमार ने कहा कि सुरक्षित प्रसव , टीकाकरण एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम ही मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन स्वास्थ्य की आधारशिला है। इससे संबंधित सूचनाओं को समुदाय में प्रसारित करने की आवश्यकता है। वहीं मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने में भी स्वास्थ्य संचार की महती भूमिका होती है। 

14 जनवरी से चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा:
कार्यशाला के दौरान केयर डीटील अभय कुमार ने कहा कि 14 से 31 जनवरी तक जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा का आयोजन होना है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर दो वाहनों से माइकिंग की व्यवस्था की गई है। यह वाहन महादलित, स्लम एरिया में घूमेगा और लोगों को परिवार नियोजन पर जागरूक करेगा । जिले में अनचाहे गर्भ में भी कमी आयी है। पिछले पांच सालों में 9.5 प्रतिशत की कमी आयी है। वहीं जिले में परिवार नियोजन के तरीकों में जबरदस्त उछाल आया है। 2015-16 में यह जहां 5.5 था वहीं 2019-20 में यह 49.9 प्रतिशत हो गया है। यहां महिलाओं ने परिवार नियोजन के साधनों में काफी दिलचस्पी दिखायी है। 
 शनिवार से लगेगा पहला कोविड का टीका
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा ने कोविड के पहले टीके के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पहले चरण के लिए कुल 22000 निजी व सरकारी कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है , जिन्हें पहले से चयनित 11 सत्रों पर टीका लगया जाएगा। इन टीकाकरण सत्रों में 9 सरकारी तथा दो निजी नर्सिंग होम हैं। जिले में बुधवार को कोविड वैक्सीनेशन की पहली खेप पहुंच गयी है। डॉ एससी शर्मा ने बताया कि मांग से 10 प्रतिशत अधिक टीका जिले में पहुंच चुका है। प्रत्येक भाइल में से 10 व्यक्तियों को टीका लगाया जाएगा। सोमवार से प्रत्येक पीएचसी पर कोविड का टीका लगाया जाएगा। लोगों से अपील करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि कोविड के वैक्सीन आने पर भी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क के नियमों का अनुपालन किया जाना जरूरी है। डीसीएम नंदन कुमार झा ने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी कोरोना के मानकों का पालन करना होगा | मौके पर सिविल सर्जन डॉ अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा, डीपीएम अमित अचल, एमएंडएनई ऑफिसर विनय कुमार सिंह , डीसीएम नंदन कुमार झा, सी-फार के अमित कुमार सिंह, श्रीकांत प्रसाद सिंह तथा अन्य लोग मौजूद थे।

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