अपराध के खबरें

शिवहर को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने का लिया संकल्प


- जिला पदाधिकारी ने जिला वासियों से सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू सेवन नहीं करने का किया अपील

- जिला प्रशासन एवं पुलिस उल्लंघनकर्ताओ के खिलाफ़ चलाएगा सघन अभियान

- सार्वजनिक स्थानों और सरकारी दफ्तरों में तम्बाकू सेवन करने वालों को किया जाएगा दण्डित

 - जिला पदाधिकारी ने सभी सार्वजनिक स्थानों व कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाने का दिया निर्देश

- डीडीसी ने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर आमजनों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराने का दिया निर्देश

प्रिंस कुमार 

 शिवहर 25 / फरवरी
आज समाहरणालय सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री सज्जन आर. की अध्यक्षता में आयोजित तंबाकू नियंत्रण पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम हेतु राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक श्री दीपक मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार एवं सीड्स के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलो में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओ के बारे में विस्तार से बताया | साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदम की जानकारी दी। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलधिकारी ने समस्त ज़िला वासियों से अपील करते हुए कहा कि हमलोगों को अपने जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। जिला पदाधिकारी ने तम्बाकू नियंत्रण हेतु जिले में त्रिस्तरीय छापामार दस्ते के गठन का निर्देश देते हुए सभी सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में भारतीय संसद द्वारा पारित कोटपा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के कारण देश में तंबाकू नियंत्रण पर काफी हद तक सफलता प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकार के सभी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थानों एवं मीडिया जगत का इस अभियान को चलाने में काफी सहयोग मिला है। अब सार्वजनिक स्थलों यथा सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़क, शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है।


सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि पिछले सालों में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा 2003) के अनुपालन का एक स्वतंत्रत एजेंसी से सर्वेक्षण करवाया जाता रहा है। उक्त अनुपालन सर्वेक्षण में धूम्रपान मुक्त के तय मानको के आधार पर जिला को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित करने निर्णय किया जाता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि अभियान चलाकर शीको जल्द ही धूम्रपान मुक्त जिला बनाने का प्रयास करें।

उप विकास आयुक्त श्री विशाल राज ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिए और अधिक प्रयास करनी होगी। समाज के आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए इसपर पूर्ण नियंत्रण लगाने हेतु कार्य करने होंगे। लोगों को तंबाकू का सेवन नहीं करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने हेतु लड़नी होगी। उपविकास आयुक्त ने कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयास से आज इस कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक चलाने की जरूरत है। 

सिविल सर्जन डॉ आर. पी. सिंह ने कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के स्वागत किया। तथा जिला नोडल पदाधिकारी डॉक्टर सुरेश राम ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

आज के कार्यक्रम में सिविल सर्जन, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, सीड्स के कार्यक्रम प्रबंधक मनोज कुमार झा, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।

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