चमकी पर आशा के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ - mithila Hindi news

mithila Hindi news

नई सोच नई उम्मीद नया रास्ता

क्रिकेट का लाइव स्कोर

चमकी पर आशा के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

Share This
- 750 आशा कार्यकर्ताओं ने लिया भाग 
- दो सत्रों में कार्यशाला का आयोजन 

प्रिंस कुमार 

सीतामढ़ी,16 मार्च । 
जेई एवं एईएस की रोकथाम, बचाव व जन जागरूकता को लेकर जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र में मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। जिसका उद्घाटन सिविल सर्जन डा राकेश चन्द्र सहाय वर्मा तथा जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रवीन्द्र कुमार यादव ने किया। दो सत्रों में चले इस उन्मुखीकरण कार्यशाला में जिले के 17 प्रखंडों से लगभग 750 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मौके पर सिविल सर्जन ने आशाओं से कहा कि वह अपने क्षेत्र में हर घर जाकर चमकी के संदेशों को बताएं। वहीं नजर भी रखें कि बच्चों में चमकी के लक्षण आने पर तुरंत ही उसे नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाएं। वहीं डीसीएम समरेंद्र नारायण वर्मा ने आशा की अपनी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि आप स्वास्थ्य की प्रथम सिपाही हैं । किसी भी कार्यक्रम और जागरूकता की सफलता की डोर आपसे ही बंधी है। 
ऑडियो -माध्यम से हुआ उन्मुखीकरण 
डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने ओडियो विजुअल माध्यम से सभी आशा कार्यकर्ताओं को विस्तार से मस्तिष्क ज्वर ( चमकी बुखार) के लक्षण ,प्राथमिक उपचार तथा बचाव के उपाय बताये | साथ हीं इस हेतु व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाकर इस गंभीर बीमारी की चुनौती का मुकाबला के लिए तत्पर रहने को कहा । उन्होंने बताया कि रात में बच्चे को भूखे पेट न सुलाएं , धूप में न जाएँ , बगीचे में कच्चे या जूठे फल न खाएँ और चमकी बुखार के लक्षण जैसे एकाएक बुखार, चमकी या ऐंठन आना , सुस्ती या बेहोशी मानसिक असंतुलन दिखने पर तुरंत ही शीघ्र नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर बच्चे को एम्बुलेन्स या चिह्नित निजी वाहन से ले जाएँ जहाँ इसके इलाज के लिए 2 शय्या का विशेष वार्ड तैयार है।
अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें  
 डॉ यादव ने कहा कि कहीं कहीं अंधविश्वास के चक्कर में लोग चमकी आने पर ओझा या झाड़फूंक वाले के पास अपना समय तो बर्बाद करते ही हैं साथ ही बच्चे का जीवन भी । ऐसा करना किसी भी हालत में जानलेवा हो सकता है। चमकी का इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध है। निजी अस्पताल में नहीं। मौके पर सिविल सर्जन डॉ राकेश चंद्र सहाय वर्मा, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आशित रंजन, डीसीएम समरेंद्र नारायण वर्मा, केयर इंडिया के डीटीएल मानस कुमार सहित सभी प्रखंड की आशा मौजूद थी।

No comments:

Post a comment

live

Post Bottom Ad

अगर आप विज्ञापन और न्यूज देना चाहते हैं तो वत्सआप करें अपना पोस्टर 8235651053

Pages