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विभागीय उदासीनता का शिकार मातृ एवं शिशु अस्पताल........अस्पताल में सृजित एक भी पद पर नियुक्ति नही

.अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से चिकित्सक एवं अन्य पारा मेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर संचालित किया जा रहा है अस्पताल

प्रिंस कुमार 

शिवहर---प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल के रूप में शिवहर जिले के लोगों का इलाज करने वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल वर्तमान में खुद बीमार है । शहर के बीचों करीब 3 एकड़ भूखंड पर फैला यह अस्पताल डाँक्टर और कर्मियो की कमी के कारण अत्यंत बदहाल अवस्था में हैं ।
 इसे मातृ एवं शिशु अस्पताल के रूप में चलाने का सरकार ने फैसला तो कर लिया लेकिन यह अस्पताल सुचारू ढ़ंग से कैसे चले इसके लिए किसी भी स्तर पर गंभीरता नही दिखाया गया ।
 चूकी अस्पताल शहर के बीचोंबीच स्थित है इसलिए इसका सुचारू रूप से चलना कई मायनों में आवश्यक है ।
इस अस्पताल के संबंध में शिवहर के आरटीआई कार्यकर्ता मुकुन्द प्रकाश मिश्र जब स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार से सूचना के अधिकार के तहत सूचना माँगा तो आरटीआई रिपोर्ट में बताया गया है कि मातृ एवं शिशु अस्पताल शिवहर में वरीय प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो शिशु रोग विशेषज्ञ दो जी एन एम के 6 स्वास्थ्य प्रबंधन के एक फार्मासिस्ट के एक प्रयोगशाला प्रावैधिक के एक ए एन एम का दस निम्न वर्गीय लिपिक लेखापाल स्टोर कीपर के तीन कक्ष सेवक के दो पुरुष 2 महिला सहित 4 सहित कुल 31 पद सृजित हैं लेकिन वर्तमान में सृजित  पद पर सरकार द्वारा नियुक्ति नहीं की गई है ।
 वर्तमान में अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से चिकित्सक एवं अन्य पारा मेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर संस्थान संचालित किया जा रहा है सरकार द्वारा विभिन्न पदों पर नियुक्ति की जाएगी ।
अब सवाल उठता है कि इस गंभीर मुद्दे पर विभाग कब गंभीर होगा ।

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