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डीएम ने चमकी बुखार के प्रचार प्रसार हेतु पंपलेट का किया विमोचन

 -चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में लाएं 

प्रिंस कुमार 

जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने चमकी बुखार/ एईएस / के प्रचार प्रसार हेतु "चमकी की धमकी" का स्टीकर एवं पंपलेट का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि चमकी के धमकी स्टीकर सभी वाहनों में चिपकाया जाएगा, हैंड बिल महादलित टोला मे विभिन्न स्वयं सहायता समूह के द्वारा संचालित चौपाल में लोगों को बांटकर चमकी बुखार के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि एक एक बच्चे की जान हमारे लिए कीमती है, कोई भी बच्चा अगर बुखार से पीड़ित होता है उसे तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाएं। उन्होंने कहा कि लोगों मे जागरूकता लाकर एईएस/चमकी बीमारी को दूर किया जा सकता है। 
उन्होंने कहा कि इस बीमारी के बचाव हेतु सारी तैयारियां कर ली गई है। प्रभावित इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी आवश्यक तैयारियां, अति आवश्यक दवाओं का इंतजाम है। यदि बच्चों में तेज बुखार या इस तरह का कोई लक्षण है तो तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करें। देर नहीं करनी है। 
उन्होंने कहा कि बच्चों को तेज धूप से बचाएं, गर्मी के दिनों मे अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं , रात में बच्चों को भरपेट खाना खिला कर ही सुलाये, गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस का घोल अथवा नींबू, पानी, चीनी का घोल पिलाए। 
जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या है 06252 242418 है। 
सदर अस्पताल मोतिहारी का नंबर 06252 296406 है।
बच्चों में जेई /चमकी का लक्षण दिखने पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी का बचाव है। मौके पर डिटीएल अभय कुमार भगत, केयर इंडिया के मुकेश कुमार, भीम शर्मा, जिला ज़न - संपर्क पदाधिकारी अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। 
चमकी से बचाव के लिए इन बातों पर ध्यान देना आवश्यक है ।

चमकी से बचाव के उपाय:

- बच्चे को रात में बिना खाना खाए ना सोने दें।
- सोने से पहले रात के भोजन में मीठा वस्तु जरूर खिलाएं।
- रात में तीन चार बार उसके शरीर की जांच करें कि बच्चा बेहोश तो नहीं।
 -तेज़ बुखार होने पर पूरे शरीर को ताज़े पानी से पोछे एवं पंखा से हवा करें।
- बच्चा अगर बेहोश नही है तो साफ पानी मे ओ आर एस का घोल बना कर दे।
- बेहोशी/मिर्गी की अवस्था मे बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पे लिटाये।
- सुबह उठकर भी माता-पिता अपने बच्चे को जगा कर उसकी स्थिति पर ध्यान दें।
- चमकी आने पर ओझा गुणी में समय नष्ट न कर मरीज को दाँए या बाए लिटाकर अविलम्ब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल ले जाएं।

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