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वैक्सीन उत्पादन और टीकाकरण अभियान प्रधानमंत्री के दूरदर्शिता का प्रतीक: नित्यानंद राय



◆ प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नीति ने टीकाकरण अभियान को पहुंचाया गांव-गांव तक: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय

◆ यह वक़्त राजनीति करने का नहीं कोरोना माहमारी से लड़ने का है: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय

रौशन 


मिथिला हिन्दी न्यूज :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शिता का ही परिणाम है की देश को वैक्सीन का विकास और उत्पादन करने में केवल 9 महीने का समय लगा। 9 महीने की छोटी अवधि के भीतर देश में 2 स्वदेशी टीकों कोविडशिल्ड और कोविशील्ड के परीक्षण और उत्पादन के साथ ही टीकाकरण का राष्ट्रव्यापी अभियान शूरु किया गया।इतना ही नही तीसरा टीका स्पुतनिक को भी अप्रैल 2021 में मंजूरी मिल गयी और ये टिका भी देश के लोगो को लगना शुरू हो चुका है।18 साल से कम उम्र के लोगो को कोरोना माहमारी से बचाने के लिए बच्चो पर भी कोवैक्सिन के परीक्षण की इजाजत मिल चुकी है और जल्द ही परीक्षण भी शुरू हो जाएगा और उम्मीद है सितम्बर -अक्टूबर से बच्चों के टीकाकरण का अभियान भी शुरू हो जाएगा। देश मे तय समय मे लोगो को टीका लग जाये इसके लिए वैक्सिन उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए 5 कंपनियों को कोवैक्सिन के निर्माण के लिए तथा 7 कंपनियों को स्पुतनिक - वी वैक्सिन के निर्माण के लिए लाइसेंस दिया गया है ।भारत बायोटेक इसी साल जुलाई महीने तक प्रति माह 1.7 करोड़ से 7.5 करोड़ वैक्सिन का उत्पादन बढ़ा रहा है जो की अक्टूबर तक 10 करोड़ खुराक तक पहुच जायेगा । कुल मिलाकर जुन में वैक्सिन का उत्पादन बढ़कर 10 करोड़, जुलाई में 17 करोड़ तो अगस्त में 19 करोड़ और सितंबर में 40 करोड़ तक पहुच जाएगा और इस साल के अंत तक यानी दिसंबर तक भारत में प्रति
माह 50 करोड़ से अधिक वैक्सिन उत्पादन होने लगेगी और साल के अंत तक सभी का टीकाकरण करने का लक्ष्य सरकार के द्वारा रखा गया है ।बात अगर ऑक्सिजन के उत्पादन की करे तो एक साल पहले तक देश में जहां इसकी कुल उत्पादन 5700 टन प्रति दिन था जो अब बढ़ कर लगभग दोगुना 9446 टन प्रति दिन है । साल भर में आक्सीजन टैंकरों,कंटेनरों, सिलिंडरों और इसके भंडारण की कमी को पूरा किया गया है.देश के तकरीबन हर जिले में ऑक्सिजन प्लांट केंद्र सरकार लगा रही है ताकि आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की कमी से किसी के जीवन पर संकट न आये। इतना ही नही अस्पतालों में 2000 से अधिक आक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है ताकि भविष्य
की आवश्यकता को पूरा किया जा सके ।
2020 में जहाँ देश में बैंटिलेटर की उपलब्धता 20, 000 थी जो 2021 में बढ़कर दोगूनी से ज्यादा 44000 हो गई है और दैनिक आधार पर इसमें इजाफा किया जा रहा है ।कोरोना माहमारी से लड़ने में मददगार दवा के उत्पादन में वृद्धि हुई है। रेमडेसिविर का उत्पादन जहा पिछले कुछ महीने पहले 37 लाख था वो आज बढ़कर 1 करोड़ को पार कर गया है।रेमडेसिविर उत्पादन करने वाले प्लांट की संख्या 20 से बढ़कर 57 हो चुकी है ।दुनिया मे भारत पहला देश है जिसने कोरोना महामारी की दवा विकसित करने में कामयावी हासिल की है। DRDO के द्वारा स्वदेशी निर्मित '2-DG' दवाई का भी उत्पादन शुरू किया जा चुका है जो मरीजों पर काफी कारगर साबित हो रहा है और आने वाले समय में कोरोना के लड़ाई में वैक्सीन के साथ साथ यह दवा मुख्य हथियार साबित होगी ।इसलिए विपक्षी दलों से यही अनुरोध है कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि सबको मिलकर कोरोना को पराजित करने का करने का है क्योंकि आम आदमी की ज़िंदगी को बचाना मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता है।

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