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मोतिहारी : कोरोना पॉजिटिव होने पर भी आत्मबल कम नहीं होने दिया: रजनीश पाण्डे

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- 10 दिनों में हुए निगेटिव , दवा के साथ कोविड टीकाकरण पर था पूर्ण विश्वास 


 प्रिंस कुमार 
मुझे अपने आप पर पूरा यकीन था कि मैं जल्द ही कोरोना वायरस से लड़ाई जीतूँगा औऱ "कोरोना हारेगा "। क्योंकि मुझे अपने आत्मबल पर पूरा भरोसा था । इंसान के जीवन में सकारात्मक सोच औऱ सही दिशा में किए गए कार्य हो तो कोराना को भी हराया जा सकता है।
 यह कहना है- केयर इंडिया के मोतिहारी सदर,के ब्लॉक् मैनेजर रजनीश पाण्डे का । उन्होंने कहा अपनी दैनिक जिमेदारियाँ निभाते हुए कब संक्रमित हुआ पता ही नहीं चला ।
होम आइसोलेशन में मुझे कुछ खास समस्या नहीं हुई-
06 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुआ। उसके पहले 04 अप्रैल रविवार को ही मुझे हल्का बुखार हुआ फिर 6 अप्रैल को अन्य लक्षणों के साथ बुखार बढ़ने लगा । तब जाकर मैंने कोविड की जाँच करायी जिसमें मुझे कोविड संक्रमित बताया गया । उसके बाद मैंने कार्यालय को सूचना दी औऱ होम आइसोलेट हो गया । फिर मैंने डॉ आर के वर्मा के निर्देश अनुसार दवा लेना शुरू किया । होम आइसोलेशन में मुझे कुछ खास समस्या नहीं हुई । जरूरत के सारे सामान मेरे सहयोगी पहुँचा देते थे । क्योंकि मैं मोतिहारी में अकेला रहता था, खाना भी खुद ही बनाता था । मेरा कमरा भी बिल्कुल अलग था , अतः कोई भी मेरे सम्पर्क में न आया । न किसी को मुझसे बीमारी फैली । होम आइसोलेट होने व किसी भी रिश्तेदार के साथ न होने से डर भी लगता था कभी कभी मन भी घबरा जाता था । फ़िरभी मैंने अपने परिवार को संक्रमित होने की खबर तब तक नहीं दी जब तक कोरोना के सारे लक्षण खत्म नहीं हुये और मै निगेटिव नहीं हो गया । निगेटिव होने के बाद परिवार वालों, कार्यालय को जानकारी दी । 
सकारात्मक सोच की बदौलत 10 दिनों में ही निगेटिव हो गया - 

होम आइसोलेशन में मैंने समय सारणी बना रखी थी। उसी के अनुसार अपना कार्य किया । सुबह उठ गर्म पानी से गरारे करता था , गर्म पानी पीता था । नास्ता कर सभी दवाओं का सेवन करता था । इस प्रकार कुछ दवाइयों के सेवन, योग और ध्यान सकारात्मक सोच की बदौलत मैंने 10 दिनों में ही खुद को कोरोना पॉजिटीव से निगेटिव कर लिया। 

रजनीश पाण्डे ने बताया कि, मैंने कोविड टीकाकरण के पहले चरण में ही टीका का दोनों डोज लिया था। इसने मेरे इम्यून सिस्टम को फायदा पहुंचाया। यह कोरोना की मारक क्षमता को कमजोर करता है । कोरोना के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान जरूर देना चाहिए । जिन्होंने शुरुआती लक्षणों को किया दरकिनार, वही कोरोना के गंभीर मरीज निकल रहे हैं। 
 लक्षण दिखते ही खुद को आइसोलेट करें -
कोरोना के शुरुआती लक्षणों में बुखार आना, नाक बहना, खांसी, दस्त, गंध और स्वाद का चला जाना और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। अगर आपमें इसमें से कोई भी लक्षण दिखे तो अपने आप को परिवार से अलग कर लें। लोगों के संपर्क में बिल्कुल न आएं। पर्याप्त आराम करें। दवाई लें। वहीं तुरंत ही कोविड की जांच कराएं। ऐसा करने से आप और आपके शुभचितंक दोनों ही स्वस्थ्य रहेंगे । 
कोविड संक्रमित होने पर घबराएं नहीं-
कोविड संक्रमण के अधिकतर मामलों में होम आइसोलेशन की बदौलत ही लोग ठीक हुए हैं। कुछ लोगों को ही अस्पताल या ऑक्सीजन की जरूरत महसूस होती है। प्रत्येक सरकारी अस्पताल से जांच कराने के उपरांत कुछ दवाइयों का किट दिया जाता है। जिसे आप एहतियातन ले सकते हैं। कोविड होने पर घबराएं नहीं। पॉजिटिव सोचें। निगेटिव खबरों से दूर रहें। योग, ध्यान का सहारा लें। अच्छे विचारों वाले पुस्तक या धर्मग्रंथ पढ़ें। निश्चित ही आप कोविड को मात देने में सक्षम होगें। मैं तो लोगों से अपील करता हूं कि सभी लोग कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं इससे कोरोना आप पर गंभीर अटैक कभी नहीं कर सकता। इसके बावजूद भी आप मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन अवश्य करें।

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