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विज्ञान जहां समाप्त होता है, ज्योतिष वहां से शुरू होता है

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पंकज झा शास्त्री

विज्ञान जहां समाप्त होता है, ज्योतिष वहां से शुरू होता है ये उक्त बातें ज्योतिष पंकज झा शास्त्री ने कहा, शास्त्री जी ने कहा ज्योतिष  विरोध में अनाप सनाप बोलना कई लोगो की आदत हो गई है। मेरा मानना है सायद उनके पास या तो ज्योतिष के जानकारी का अभाव है या वो आधुनिक विज्ञान के बहकावे में है। वेशक आप ज्योतिष का खूब विरोध करो। परंतु यह ध्यान रहे कि यदि हिम्मत हो तो योग्य से प्रत्यक्ष मिलकर सामना करो तो मै जानू।
मैं भी कोई बहुत बड़ा ज्ञानी नही हूं फिर भी हमने कई बार ऐसे लोगों को खुलकर चुनौती दिया है और आगे भी देता रहूंगा। किसी में हिम्मत नही होती कि मेरे सामने प्रमाणित रूप से ज्योतिष को झुठला सके। हां यह बात सत्य है कि आज कल कुछ लोगो के द्वारा ज्योतिष को तोड़ मडोड़ कर लोगों के विच पेश किया जा रहा है जो गलत है। ज्योतिष को तोड़ मडोड़ कर प्रस्तुत करने में कुछ ढोंगी, कुकुरमुत्ते लोग भी शामिल है जो ज्योतिष के आड़ में अपने स्वार्थ के कारण लोगो को भ्रमित कर रहें है।
मैं तो यह भी खुलकर कहता हूं कि जिसको हम पर भी शक और संदेह हो तो बेहिचक कभी भी हमे भी जांच परख सकते है। निष्ठा के साथ सदैव अपने कर्म पथ पर चलने का प्रयत्न करता हूं। यही कारण है कि आप सभी का प्यार और सम्मान मुझे मिल रहा है और यह मेरे लिए अनमोल है।

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