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पुण्यतिथि पर विशेष जगन्नाथ मिश्रा ने उर्दू को दूसरी भाषा की मान्यता देने वाले पहले मुख्यमंत्री

रोहित कुमार सोनू 
मिथिला हिन्दी न्यूज :- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ मिश्रा का आज पुण्यतिथि है उनका निधन 19 अगस्त को हुआ था जगन्नाथ मिश्रा ने प्रोफेसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बन गए थे बचपन से ही  राजनीति में दिलचस्पी रखते थे । उनके बड़े भाई मिथिला के लाल ललित नारायण मिश्रा राजनीति में थे और रेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जगन्नाथ मिश्रा अपने भाई से ही न राजनीति का ककहरा सीखा। छात्रों को पढ़ाने के दौरान मिश्रा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने तीन बार राज्य की कमान संभाली। सबसे पहले 1975 से 1977 तक, दूसरी बार 1980 से 1983 तक और तीसरी बार 1989 से 1990 तक। 1990 के दशक के मध्य में वह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें बिहार के बड़े नेताओं के तौर पर जाना जाता है।लेकिन आपको बता दें कि अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के कई ज़िलों में उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा की मान्यता दी थी. इस फ़ैसले के बाद राज्य में सैंकड़ों उर्दू ट्रांसलेटरों की नियुक्तियां हुईं थीं।साल 1989 में हुए भागलपुर दंगों के बाद कांग्रेस पार्टी का सूरज डूबने लगा. केंद्र में कांग्रेस की हार और वी.पी. सिंह सरकार बनने के बाद राजीव गांधी ने स्थिति को देखते हुए छह साल बाद जगन्नाथ मिश्रा को एक बार फिर बिहार का मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन यह बहुत कमाल नहीं कर पाया.इन छह सालों में बिहार को चार मुख्यमंत्री मिल चुके थे. जगन्नाथ मिश्रा को मुसलमानों का समर्थन हासिल था और राजीव गांधी को मजबूर होकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाना पड़ा था.

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