अपराध के खबरें

उपचार के वक्त मरीज की मृत्यु , परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का इल्जाम, जमकर किया हंगामा

संवाद 


आरा में बीती रात्रि एक निजी अस्पताल में उपचार के वक्त मरीज की मृत्यु के बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा कर दिया. गुस्साए लोगों ने इस वक्त अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई. नाराज परिवार वालों ने इस वक्त डॉक्टर की कार को भी निशाना बनाते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया. इतना ही नहीं मरीज की मृत्यु से नाराज लोगों ने अस्पताल के बाहर की रास्ते को आगजनी कर जाम कर दिया और अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का इल्जाम लगाते हुए उस पर कार्रवाई की मांग करने लगे.मृतक के परिवारों के मुताबिक मुकेश कुमार का छत से गिरने पर कूल्हे और हाथ की हड्डी टूट गई थी जिसके बाद वो उसे घायल अवस्था में लेकर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ कन्हैया सिंह के अस्पताल आए थे. परिवार के मुताबिक सभी जांच कराने के बाद डॉक्टर के द्वारा 22 मई को ऑपरेशन किए जाने की बात कह एक लाख रुपये ऑपरेशन के लिए डिमांड की गई थी जिसमें से आधे पैसे इन्होंने अस्पताल के काउंटर पर जमा करा दिए थे.मृतक के परिवारों ने डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों पर इल्जाम लगाते हुए बोला कि 22 मई को शाम 6 बजे ऑपरेशन प्रारंभ हुआ जिसके चार घंटे के बाद इन्हें मरीज को पटना रेफर कर दिए जाने की बात कहते हुए मरीज को एक एम्बुलेंस में डाल दिया गया. परिवारों के मुताबिक एंबुलेंस में मरीज को रखने से काफी ज्यादा पहले इसकी मृत्यु हो चुकी थी लेकिन इन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई और इन्हें मरीज को पटना रेफर किये जाने की बात बोलते हुए मरीज को एम्बुलेंस में रख अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया.परिवार वालों ने बताया कि अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीज की मृत्यु के बाद बिना इन्हें बताए उनके साथ उपस्थित एक नाबालिग लड़के से कागजों पर साइन करा लिए.परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का इल्जाम लगाते हुए हंगामा करते हुए अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की वहीं सुबह होते ही मरीज के नाराज परिवारों ने अस्पताल के बाहर ब्लॉक रास्ते को जाम कर दिया और 

आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा करने लगे.

 काफी ज्यादा देर तक चले जाम और हंगामे के बाद मौके पर आइ नवादा थाने की पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल कर दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की बात का आश्वासन देकर जाम हटवाया और शव को को पोस्टमॉर्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भिजवा दिया.उधर मृतक के परिजन कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि 17 मई की रात्रि गांव में आंधी आई थी. इसी वक्त वह छत से नीचे गिर गए थे और गंभीर रूप से  हो घायल गए थे.हादसे में उनका दाहिना हाथ एवं दाहिना कुल्हा टूट गया था जिसके बाद परिवार द्वारा ईन्हें 18 मई की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आरा शहर के ब्लॉक रोड स्थित निजी क्लिनिक डॉ.कन्हैया सिंह के यहां भर्ती कराया गया था. और वहीं डॉक्टर कन्हैया सिंह ने बताया कि बड़ौरा गांव निवासी मुकेश सिंह नामक एक मरीज आया था, इन्हें काफी ज्यादा गंभीर इंजुरी थी और उसकी स्थिति भी काफी क्रिटिकल थी. जिसके बाद उसे भर्ती किया गया था. उसके बाद उसके परिवार वाालों को कहा गया था कि वे लोग उसे पटना ले जाए, मैं वहां डॉक्टरों से बात कर लेता हूं और उनका ऑपरेशन वही कराया जाए, क्योंकि केस काफी ज्यादा क्रिटिकल है, लेकिन परिवारों द्वारा बोला गया कि जब आप करते हैं तो आप खुद ही इनका ऑपरेशन कीजिए.उसके बाद मैंने अपने सहयोगी चिकित्सकों द्वारा उसका ऑपरेशन किया लेकिन ऑपरेशन के वक्त ही उसकी बीपी काफी उन हो  गई. इसके बाद बीपी स्टेबल नहीं हो पाई. उसके बाद मैंने उसमें से पहचान वाले व्यक्ति को बुलाया और मॉनिटर पर उसकी बीपी व प्लस दिखा दी.इन्होंने बोला कि उसे पटना ले जाएं और वेंटिलेटर पर रखें तभी मरीज रिकवर हो पाएगा जिसके बाद उनके द्वारा अभी मरीज को नीचे उतारकर एंबुलेंस पर चढ़ाया ही जा रहा था तभी किसी व्यक्ति द्वारा क्या बोला गया जिसके बाद उसके परिवार वााले आक्रोशित  हो गए  और मेरे क्लिक में जमकर तोड़फोड़ की. तोड़फोड़ के वक्त मेरे स्टाफ के साथ मारपीट की और मुझे भी खोजने लगे वेटिंग रूम में लगे टीवी, मेरे चेंबर में लगे टीवी एवं शीशे को चकनाचूर कर दिया. यह मामला सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है. उसके बाद इन्होंने स्थानीय थाना, एसडीओ को फोन कर घटना की सूूचना दी जिसके बाद जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया.वहीं इन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है साथ ही इन्होंने बोला कि मेरे क्लीनिक में जो भी तोड़फोड़ हुई है इसके विरुुद्ध मैं भी आज स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराऊंगा वहीं दूसरी तरफ भोजपुर सहायक पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश ने बोला कि एक क्वालीफाई डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन किया गया है और इसमें कुछ मेडिसीन वगैरह की बात परिवार वालों  द्वारा सामने आ रही है.इसके वजह मेडिकल टीम गठित कर शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी साथ परिवार द्वारा जो दो बिंदुओं पर बात बोली है उसकी बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है. इसके बाद जो उचित करवाई होगी. वही सहायक पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश ने बोला कि जो भी उच्च न्यायालय एवं कानूनी गाइडलाइन है. और इसके आधार पर ही बल से कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

live