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हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा संगोष्ठी आयोजित

संवाद 

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर बिहार के मधुबनी जिला में नेपाल सीमा के पास स्थित जयनगर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों समेत अन्य सभी सम्बंधित पहलुओं पर उपस्थित पत्रकारों और साहित्यकारों ने विस्तृत चर्चा की। शहर के मध्य स्थित जानकी देवी गौरी शंकर सर्राफ इंटर महिला महाविद्यालय में आयोजित इस परिचर्चा का विषय हिंदी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ रखा गया था। कार्यक्रम का आयोजन पत्रकारों और साहित्यकारों की सबसे सक्रिय संस्थाओं में से एक भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ(आईएनजेएफ) के मधुबनी जिला इकाई के द्वारा किया गया था।

तकनीकी युग में हिंदी पत्रकारिता पर पड़ रहे प्रभाव और हो रहे बदलावों पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय प्रकाशन सचिव और जेडीजीएस इंटर महिला कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जगदीश प्रसाद यादव और मंच संचालन कार्य पत्रकार घनश्याम कुमार झा उपाख्य रंजन अभिषेक ने किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संगठन के मधुबनी जिला अध्यक्ष और हिंदी-मैथिली साहित्यकार श्री नारायण यादव ने उपरोक्त विषय पर मैथिली भाषा में अपने उद्गार व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि हिंदी आज वैश्विक भाषा बन गई है और इसके प्रचार-प्रसार में सिनेमा, साहित्य, टीवी पत्रकारिता इत्यादि सभी का योगदान है। अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह 'मुन्ना' ने कहा कि भाषा नदी की तरह जीवंत होती है तभी आगे बढ़ती है, यदि उसमें ठहराव आ जाता है तो उसका विघटन होने लगता है। मंच संचालन कर रहे पत्रकार-सह-साहित्यकार घनश्याम कुमार झा उपाख्य रंजन अभिषेक ने अपने वाचन कला और शब्दों की शानदार प्रस्तुति और तारतम्यता से पूरे कार्यक्रम को एकाकार किये रखा। अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता ने पिछले ढ़ाई दशकों में पत्रकारिता में हुए परिवर्तनों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा वेब मीडिया में तकनीक और कैमरा की उपयोगिता और उससे हुए बदलावों को रेखांकित किया। भारापम के जिला महासचिव मनीष सिंह यादव ने पत्रकारिता का समाज पर प्रभाव तक इस क्षेत्र में कतिपय हुई गिरावटों की ओर ध्यानाकर्षण किया और संगठन के महत्त्व को बताया। पत्रकार-सह-समाजसेविका दीपशिखा सिंह ने पत्रकारिता के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं और प्रभावों की चर्चा की और रिपोर्ट में सभी पक्षों को स्थान देने का आग्रह की। पत्रकार पिंकी कुमारी झा ने डिजिटल पत्रकारिता और उसकी सम्भावनाओं तथा पत्रकारिता के लोकतंत्रीकरण और विविधता की बात की। प्रो. जगदीश प्रसाद यादव ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि वैश्वीकरण और तकनीक का लाभ हिंदी पत्रकारिता को मिला है और आज पूरे विश्व में जहाँ भी भारतवंशी रह रहे हैं और वे किसी भी क्षेत्र के रहने वाले हैं लेकिन हिंदी को जानते हैं, समझते हैं और इसमें हिंदी पत्रकारिता का भी बड़ा योगदान है।

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी(कार्यक्रम) में क्राइम सस्पेंस मीडिया के प्रो. जगदीश प्रसाद यादव, मैथिली के चर्चित साहित्यकार श्री नारायण यादव, अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह 'मुन्ना', केवल सच पत्रिका के विशेष प्रतिनिधि प्रशांत कुमार गुप्ता, स्टार मिथिला99 न्यूज के सम्पादक संजय तिवारी, जयनगर लाइव मीडिया के संस्थापक-प्रशासक और प्रधान संपादक सुरेश कुमार गुप्ता, चौथा स्तम्भ मीडिया के संवाददाता नितेश कुमार उपाख्य संटू नायक, प्रथा प्रतिज्ञा समाचार पत्र की जयनगर अनुमंडल ब्यूरो चीफ दीपशिखा सिंह, जयनगर सिटी की संवाददाता पिंकी झा, नई सुबह समाचार पत्र के मधुबनी ब्यूरो चीफ लक्ष्मण सिंह यादव, टेन नेटवर्क न्यूज ग्रुप के कंटेंट एडिटर घनश्याम कुमार झा उपाख्य रंजन अभिषेक, शिक्षाविद मनोज कुमार झा, समाजसेवी अमित कुमार भंडारी, वेब डेवलपर और टेक्निकल एक्सपर्ट सानू कुमार चौधरी, प्रातः किरण समाचार पत्र के मधुबनी जिला ब्यूरो चीफ मनीष सिंह यादव शामिल हुए।

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