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इस बार तिन पर्व एक ही दिन मनाने का दुर्लब संयोग

पंकज झा शास्त्री 

 इस बार लगातार हिन्दु पर्व त्यौहारों का क्रम चलने से बजारों मे रौनकता देखी जा रही है। हरतालिका तीज हर साल भाद्रमास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है और इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं। पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं। पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया इस व्रत को सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी कन्‍याएं भी अच्‍छा पति पाने के लिए करती हैं। मान्‍यता है इस व्रत को करने के बाद ही माता पार्वती को भगवान शिव पति के रूप में मिले थे। इस दिन दिन व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्‍न होकर सुहागिनों को अखंड सौभाग्‍य का आशीर्वाद देती हैं।धार्मिक मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से करवा चौथ के व्रत के समान फल प्राप्त होता है। 

भाद्रपद चतुर्थी तिथि का अधिक महत्व है। दरअसल, इस दिन से भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन से लेकर अगले 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। कलंक चतुर्थी और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाती है लेकिन गणेश चतुर्थी और कलंक चतुर्थी इस बार दो दिन मनाई जाएगी। कलंक चतुर्थी को चौठ चंद्र पर्व के नाम से भी जाना जाता है। मिथिला क्षेत्रीय पंचांग अनुसार
इस बार 18 सितंबर सोमबार को दिन के 10 बजकर 36 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी,उपरांत चतुर्थी तिथि लग जाएगी। शाम के समय चतुर्थी होने से कलंक चतुर्थी या चौठ चंद्र का पर्व 18 सितंबर को मनाया जाएगा। उदित मान्य से हरितालिका ब्रत यानी तीज ब्रत दिनांक 18 सितम्बर सोमबार को ही मनाया जायेगा। भाद्रशुल चतुर्थी तिथि के संयोग में 19 तारिक़,मंगलबार को श्री गणेश पूजनोत्सव का आरम्भ होगा । इस दिन चतुर्थी तिथि दिन के 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी।

विश्वकर्मा पूजा हर वर्ष सितंबर महीने में मनाई जाती है. इस दिन लोग विश्वकर्मा (शिल्पकार) की कृपा पाने के लिए लोहे, लक्कड़, कल पुर्जों और मशीनरी की साफ सफाई के साथ उसकी पूजा पाठ भी करते हैं. मान्यता के अनुसार, विश्वकर्मा देव शिल्पी हैं, जो लोगों के लिए साधन और संसाधन की व्यवस्था करते हैं.
जानकारी देते हुए पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि इस बार विश्वकर्मा पूजा भाद्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी सोमवार को 18 सितंबर को मनाई जाएगी. विश्वकर्मा पूजा सूर्य के कन्या राशि मे मनाया जाता है। इस दौरान लोग औजारों, मशीनों आदि रोजगार के साधनों की पूजा कर सकते हैं।

गणेश चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस दिन भगवान गणेश के पुनर्जन्म का जश्न मनाया जाता है. गणेश जी को समृद्धि और ज्ञान का देवता भी माना गया है. गणेश चतुर्थी का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद महीने की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. जो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस साल 19 सितंबर 2023 को मनाया जाएगा.गणेश चतुर्थी से इस 10 दिवसीय उत्सव का शुभारंभ होता है. इसमे भगवान गणपति यानि बप्पा की मूर्तियों की सजावट, घरों और मंदिरों में पूजा आरती का आयोजन किया जाता है.

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