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लालू यादव के 'नरेटी' वाले बयान पर गिरिराज सिंह गुस्सा हुए, शिक्षकों की छुट्टी के मुद्दे पर RJD सुप्रीमो को बोल गए बहुत कुछ


संवाद 

सनातन धर्म (Sanatan Dharm) पर उदयनिधि स्टालिन के वर्णन को लेकर देश में अभी बवाल छिड़ा हुआ है. उसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को लेकर 'नरेटी' वाले बयान पर बिहार में राजनीति गरमाई हुई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने मंगलवार को लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने बोला कि लालू प्रसाद यादव बड़े नेता हैं, हिंदुओं को जातियों में बांटना उनका कार्य है. नरेंद्र मोदी के नरेटी वाला बयान भी उन्होंने ही दिया है. यह प्रयोग हिंदुओं की छुट्टी को रद्द करके किया और देख रहे थे कि थर्मामीटर लगा करके कि क्या हुआ? हिंदुत्व तो उनका कभी वोट बैंक नहीं रहा, मुसलमान उनका वोट बैंक रहा है. हिंदू की छुट्टी को इसलिए रद्द तो कर दिए, लेकिन हिंदू ने जब अंगड़ाई ली तो इनके नरेटी को जवाब दे दिया. 

गिरिराज सिंह ने बोला कि मैं तो नहीं बोलूंगा कि हिंदू ने नरेटी दाब दी, लेकिन नरेटी दब गई. 

छुट्टी वापस लेना पड़ा. रक्षाबंधन के दिन छुट्टी रद्द किया गया. मास्टर साहब तो स्कूल में आए परंतु हिंदू का बच्चा स्कूल में नहीं गया. इनको थर्मामीटर का पारा बढ़ने लगा. हिंदुओं की जागृति बढ़ने लगी है. हिंदू लोग अंगड़ाई लेने लगे तो छुट्टी के निर्देश को वापस लिया गया. अब आगे भी लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार और राहुल गांधी को माफी मांगना पड़ेगा. स्टालिन के बेटे को निकालना पड़ेगा और देश के हिंदुओं से माफी मांगना पड़ेगा. लालू यादव कैसे माफी मांगेगे? इस प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री ने बोला कि तीन दिन से उनकी जुबान बंद है. पहले एक्सपेरिमेंट उन्होंने छुट्टी रद्द करवा कर किया तो इसका जवाब उनका मिल गया. यह एहसास करवा दिया कि नरेंद्र मोदी की नरेटी क्या दबाएंगे. जनता ने उनके सरकार की नरेटी दबा दी. आगे स्टालिन चुप्पी तोड़ते हुए माफी नहीं मांगे और अपने बेटे को नहीं हटाए तो देश की जनता, बिहार की जनता माफ नहीं करेगी. 'इंडिया' शब्द हटाए जाने के प्रश्न पर बीजेपी नेता ने बोला कि भारत की पहचान भारत और उसके संस्कृति से है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आर्थिक रूप से मजबूत किया. अभी इकोनॉमी के मामले में भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर है तो प्रधानमंत्री ने देश की संस्कृति का उत्थान के मामले में भी कार्य किया. महाकाल, काशी, राम जन्मभूमि जैसे स्थान को अपनी पहचान दिलाने का कार्य किया. भारत की पहचान भारत की संस्कृति से है. भारत आर्थिक उत्थान और सांस्कृतिक उत्थान के साथ विश्व गुरु बनने के रास्ते पर है. उन्होंने बोला कि हम संविधान नहीं बदलते हैं. कांग्रेस को चाहिए था कि आजादी के बाद सभी गुलामी के प्रतीक को हटा देना चाहिए था.  गिरिराज सिंह ने आगे बोला कि एक बार हमने बोल दिया कि बख्तियारपुर का नाम हटा देना चाहिए क्योंकि बख्तियार खिलजी ने नालंदा को लूटा था और उसी के नाम पर बख्तियारपुर है. इस पर जेडीयू-आरजेडी के लोगों ने हमें बहुत गाली दी थी. यह लोग तुष्टिकरण वाले लोग हैं. बता दे कि भारत अब अपनी पहचान खुद बना रहा है इसलिए गुलामी के सारे प्रतीक को हटा देना चाहिए.

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