12 घंटें के कार्य दिवस के प्रस्ताव के विरूद्ध आबादपुर थाना क्षेत्र स्थित विभिन्न स्थानों में ऐक्टू के बैनर तले इस संगठन से जुड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं के द्वारा मनाया जा रहा दो दिवसीय प्रतिवाद दिवस दूसरे दिन बुधवार को भी बदस्तूर जारी रहा• इस दौरान प्रदर्शन करने वाले लोगों के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का भी बखूबी पालन किया गया । प्रदर्शनकारियों के द्वारा गांव-घरों में रहकर ही अपने- अपने आवाज बुलंद किये गए• मौके पर थाना क्षेत्र स्थित शिवानंदपुर पंचायत भवन में ऐक्टू कार्यकर्ता सह भाकपा माले नेत्री कॉमरेड जूही महबूब की अगुवाई में लोगों ने मजदूर एकता जिंदाबाद व 12 घंटें के कार्यदिवस प्रस्ताव के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।मौके पर माले नेत्री ने उक्त प्रस्ताव की सख्त भर्त्सना करते हुए अविलंब इसे खारिज करने की बात कही माले नेत्री ने बताया कि देश भर में covid-19 से उपजे हालात से मजदूर वर्ग ही सबसे ज्यादे परेशानहाल हैं।लॉकडाउन के चलते कामगारों के समक्ष बेरोजगारी एवं वेतन कटौती की समस्या घर कर रही है।ऐसे में केंद्र सरकार पहले से ही दबे कुचले मजदूर वर्गों के कंधों पर व्यापक आर्थिक संकट का बोझ डाल देना चाहती है जो बिल्कुल ही निंदनीय है। माले नेत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के खातिर तमाम श्रम कानूनों को समाप्त कर देना चाहती है जो कतई मजदूरों के हक में नहीं है। उन्होंने कहा कि मजदूरों से जुड़े कार्य के घंटें 12 घंटें किये जाने से मजदूरों की कार्य क्षमता बेहद प्रभावित होगी• इससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। मौके पर माले नेत्री ने मजदूरों के हक में अविलंब उक्त प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की ।
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