मिथिला हिन्दी न्यूज़ (दलसिंहसराय/समस्तीपुर) - दलसिंहसराय प्रखंड अंतर्गत कमरांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सूरज नारायण प्रसाद सिन्हा जिन्होंने अपने जीवन में दरभंगा - समस्तीपुर से उच्च न्यायालय पटना व उच्च न्यायालय से बीसीआई के अध्यक्ष पद तक को सुशोभित करते हुए देश विदेश के मानचित्र पर अपनी पहचान बनाने वाले बिहार बार काउंसिल के सदस्य, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष सह समस्तीपुर लॉ कॉलेज के संस्थापक सचिव सह समस्तीपुर क्लब के अध्यक्ष एंव वर्तमॉन में बिहार बार काउंसिल के सदस्य जितेंद्र नारायण सिन्हा के पिता का निधन शुक्रवार को हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को आज दलसिंहसराय व्यवहार न्यायालय परिसर लाया गया। उनके पार्थिव शरीर के आते ही अधविवक्ताओं ने सूरज बाबू अमर रहे के नारे लगाए तथा अनुमंडलीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद समीर, पूर्व अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, महासचिव प्रभात कुमार चौधरी, शिव शंकर प्रसाद वर्मा, सुनील कुमार सिंह, अनील नायक, जयकांत सिंह, सुरेंद्र राय, धनेश्वर दास, राम सकल महतो, अरबिंद पोद्दार, संजीव वर्मा, अनुज कुमार बिट्टू, संतोष कुमार सिंह, तुफैल अहमद, संदीप कुमार सिन्हा उर्फ सोनू, रमन कुमार, श्री राजपूत अधिवक्ता समेत विधि लिपिक महेंद्र राउत, सुधीर सिंह, संजीत कुमार समेत दर्जनों लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया। बताया जाता है कि उनकी बीते रात समस्तीपुर स्थित अपने आवास पर अचानक तबीयत खराब हो गई थी। जिन्हें आनन फानन में ईलाज हेतु पटना ले जाया जा रहा था। इसी बीच रास्ते मे ही वे दम तोड़ दिये। उन्होंने अपने पीछे दो पुत्र पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सह बिहार बार काउंसिल के सदस्य जितेंद्र प्रसाद सिन्हा, दूसरे पुत्र डॉ0 इंद्रजीत नारायण सिन्हा, पुत्री अवकाश प्राप्त शिक्षिका नीलम सिन्हा उर्फ बेबी, पूनम सिन्हा एंव रश्मि सिन्हा को छोड़ स्वर्ग सिधार गए । बताया जाता है कि बीसीआई के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सोवियत रुस,चीन जापान,यूरोप, पेरिस,ब्रिटेन,बेटिकन सिटी, हॉन्ग कंग,ऑस्ट्रेलिया, नाईजीरिया, साउथ अफ्रीका,केप टाऊन, मिस्र से लेकर पाकिस्तान तक का सफर कर सेमिनार में हिस्सा लिया। सूरज बाबू प्राथमिक शिक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक कि पढ़ाई उर्दू से किये तथा वर्ष 1955 में पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल किया। वहीं से उन्होंने न्याय जगत में अपनी कदम रखी और उस क्षेत्र में लगातार अपना नाम रौशन करते रहे।
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