बिहार का चित्तौड़गढ़ कहा जाने वाला 'बाढ़ विधानसभा' पर इस बार कई प्रत्याशियों की नजर है। प्रत्येक प्रत्याशी अपने पूरे दमखम के साथ बाढ़ विधानसभा पर
कब्जा करने के लिए व्याकुल है। बता दें कि पिछले 15 साल से बाढ़ विधानसभा के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह 'ज्ञानू' रहे हैं। परंतु इस बार हवा का रुख बदला-बदला सा नजर आ रहा है। जनता के बीच उनके 15 साल के सत्ता का विरोध साफ़ दिख रहा है। एक तरफ जहां स्पष्ट है की राजग गठबंधन के प्रत्याशी ज्ञानेंद्र सिंह 'ज्ञानू' ही होंगे, तो दूसरी तरफ राजद खेमे में लंबी कतार है। हालांकि मुख्य रूप से कुछ ही प्रत्याशी हैं जो कि क्षेत्र में लगातार मेहनत कर रहे हैं जिनमें शगुन सिंह का नाम सबसे आगे उभर कर आता है। बता दें कि शगुन सिंह पूर्व विधायक रामनरेश सिंह की पुत्री हैं और विगत तीन सालों से लगातार सत्ता पर काबिज होने के लिए क्षेत्र में धुआंधार मेहनत कर रही हैं। आपको बता दें कि शगुन सिंह के पति उद्योगपति है तथा मुंबई में इनका व्यवसाय है. पिता रामनरेश सिंह नालंदा से विधायक रह चुके हैं तथा बाढ़ विधानसभा क्षेत्र के राजपूत मतदाताओं पर उनका अच्छा खासा प्रभाव है.स्वचछ छवि के कारण क्षेत्र में युवाओं का खासा समर्थन मिल रहा है, जिसका सीधा फायदा शगुन सिंह को मिलता दिख रहा है। विगत 15 सालों से वर्तमान विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के प्रति जनता में रोष दिख रहा है और शगुन सिंह के द्वारा दिया गया स्लोगन आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस बार बाढ़ विधानसभा से संभावित राजद प्रत्याशी शगुन सिंह बिहार के चित्तौड़गढ़ कहे जाने वाले बाढ़ की सत्ता पर काबिज़ हो जाएं। इसका एक ठोस वजह यह भी माना जाता है कि शगुन सिंह का गहरा पारिवारिक संबंध पटना व नालंदा जिले के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्र से हैं।शगुन सिंह के पारिवारिक संबंधों का राजपूत-यादव जाति में गहरा समन्वय स्थापित है, जिसका सीधा लाभ शगुन सिंह को बाढ़ विधानसभा में मिलता दिख रहा है। अतः इस बार बिहार का चित्तौड़गढ़ कहा जाने वाला बाढ़ विधानसभा पर अगर संभावित राजद प्रत्याशी शगुन सिंह जीत हासिल कर काबिज़ हो जाए तो इसमें कोई संदेह नहीं होगा।
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