- नियमित टीकाकरण के साथ परिवार नियोजन के साधनों को बताया जा रहा
शिवहर, 6 अप्रैल
कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए जिला में काफी तेज गति से टीकाकरण किया जा रहा है। संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम चौक चौराहों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों की जांच कर रही है। इस परिस्थिति में अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। कोरोना के इस विषम परिस्थिति में प्रसव गंभीर विषय है। लेकिन मातृ-शिशु अस्पताल में पहले की तरह ही महिलाओं के प्रसव हो रहे हैं। इसके अलावा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल लेबर इंचार्ज अनुराधा कुमारी कहती हैं प्रसव की सुविधा यहां पहले की तरह ही अनवरत चल रही है। कोरोना काल में संस्थागत प्रसव को जारी रखने के लिए रोस्टर के अनुसार कार्य किया जा रहा है, ताकि डॉक्टर और नर्स अपनी सेवा यहां दे पाएं। अनुराधा कुमारी कहती हैं विषम परिस्थिति में भी लोगों को संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मौजूद हैं सारी सुविधाएं
अनुराधा कुमारी ने बताया यहां सामान्य प्रसव की सारी सुविधाएं मौजूद हैं । चौबीस घंटे एंबुलेंस, डॉक्टर व नर्स की मौजूदगी प्रसव की संख्या को कम नहीं होने देती है। जितना ध्यान कोरोना संक्रमण के बचाव में दिया जाता है, उतना ही ध्यान और सुविधाएं प्रसव के लिए भी दिया जा रहा। यहां प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की भी व्यवस्था है। अस्पताल में ऑक्सीजन कंसनट्रेटर भी है। ये सुविधाएं जन्म के समय किसी बच्चे की जान बचाने के लिए उपयोगी सिद्ध होती हैं।
नियमित टीकाकरण जारी
मातृ-शिशु अस्पताल में पहले की तरह गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण जारी है।
अनुराधा कुमारी ने बताया एक तरफ कोरोना से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। वहीं मातृ-शिशु अस्पताल में नियमित रूप पड़ने वाला टीका भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया नियमित टीकाकरण (रूटीन इम्युनाइजेशन) में जितने टीके हैं, सब उपलब्ध हैं। यह अति जरूरी सेवाओं में आता है और टीकाकरण को किसी भी स्थिति में नहीं रोका जा सकता है। हालांकि कोरोना वायरस की वजह से टीकाकरण के दौरान कुछ जरूरी सावधानियों का ध्यान रखा जा रहा है।
दी जाती है परिवार नियोजन की जानकारी
अनुराधा कुमारी कहती हैं यहां प्रसव कराने आई महिला और उसके के परिवार वालों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में बताया जाता है। इच्छुक लाभार्थियों को इसका लाभ भी दिया जाता है। अस्पताल में इसका अलग से कक्ष है।
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