मिथिला हिन्दी न्यूज जमुई।मां का महात्म्य जब इहलोक में सर्वश्रेष्ठ है तो जगतजननी मां दुर्गे की महत्ता तीनों लोक में कितनी सर्वोपरि होगी समझ सकते हैं। हम सब मां की ममता, क्षमता, भगवत्ता से पूरी तरह परिचित हैं। हमारा सम्पूर्ण बिहारी समाज शारदीय नवरात्र में उनके भक्तिभाव में तल्लीन होता है। सप्तमी से यह आराधना उत्सव में तब्दील हो जाती है। बचपन से हम सब इस उत्सव की सालों भर प्रतीक्षा करते हैं। इसका उल्लास, उमंग अनुपम होता है। मैं भी इस उत्सव में मां की मनोयोग से प्रार्थना करने अपने जन्मभूमि-कर्मभूमि जाता हूं। आज से दशमी तक मां की चरणों में समर्पित हो, अपनों के बीच अनवरत उपलब्ध रहता हूं।यह कहना था पत्रकारों से बिहार सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह का जो सप्तमी की देर रात पटना से अपने क्षेत्र चकाई पहुंचे । मंत्री सुमित कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने सप्तमी की देर रात झाझा स्थित इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट दुर्गा मंदिर, झाझा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, सोनो चौक स्थित दुर्गा मंदिर, रविदास समाज द्वारा आयोजित दुर्गोत्सव में शीश नवां कर मां दुर्गा की आराधना किया। उनकी उपासना एक आत्मबल की अनुभूति होती है जो हमें दुष्कर लक्ष्य को साधने की शक्ति देती है, साथ ही सच्चे दिल से सेवा करने के भावोद्गार से वशीभूत कर देती है।उन्होने कहा कि मैं यथासंभव जो भी कुछ कर पाता हूं, सब मां की कृपा का फल है। आज भी उनके चरणों में साष्टांग दंडवत हो, चकाई विधानसभा क्षेत्र, जमुई जिला अंगप्रदेश समेत समस्त बिहारवासियों के कल्याण की कामना की। इन सबके कल्याण में मेरा निज कल्याण निहित है।
इस अवसर पर गौतम पांडेय जी, नीलेश चौधरी जी, राजीव कुमार सिंह, जयप्रकाश पासवान जी, नंद किशोर पासवान जी, रंजीत शर्मा जी, लक्ष्मण झा जी, सुबोध केशरी जी, बबलू सिन्हा जी, विनय दास जी, महेंद्र दास जी, अशोक चौधरी जी, उमेश दास जी, अमर वर्णवाल जी, राकेश भगत जी, ललन मिश्रा जी, चंद्रशेखर जी, पंचू बाबू, प्रभु राम जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण मौजूद थे।
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