मिथिला हिन्दी न्यूज :- बीते महीने लगे सूर्य ग्रहण के बाद अब जल्दी ही चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. ये दोनों ही ग्रहण महज 15 दिनों के अंतराल पर लग रहे हैं. यह साल 2022 का पहला चंद्रग्रहण होगा. यह ग्रहण 16 मई यानी अगले हफ्ते सोमवार को लगने वाला है. इस बार यह पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है. इस ग्रहण को दक्षिण-पश्चिमी यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर में देखा जा सकेगा.
भारतीय मानक समयानुसार इस बार ग्रहण का समय- प्रात: 07.02 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12.20 मिनट पर तक रहेगा।
सूतका का समय- सूतक काल चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है, जोकि चंद्र ग्रहण समाप्त होने पर खत्म होगा, इस ग्रहण काल के दौरान सूतक अधिक प्रभावी रहता है, अत: अधिक सावधानी रखना जरूरी होगा।
चंद्र ग्रहण की 15 सावधानियां-
- सूतक काल के दौरान घर के मंदिर के कपाट बंद कर दें, ताकि देवी-देवताओं पर ग्रहण की काली छाया न पड़ें।
- मंदिर अथवा घर के मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श न करें। नैवेद्य या भोजन अर्पित नहीं किया जाता है।
- दातून न करें।
- कठोर वचन बोलने से बचें।
- बालों व कपड़ों को नहीं निचोड़ें।
- घोड़ा, हाथी की सवारी न करें।
- ग्रहण काल में वस्त्र न फाड़ें।
- कैंची का प्रयोग न करें।
- घास, लकड़ी एवं फूलों को तोड़ने की मनाही है।
- यदि तीर्थ स्थान का जल न हो तो किसी पात्र में जल लेकर तीर्थों का आवाहन करके सिर सहित स्नान करें, स्नान के बाद बालों को न निचोड़ें।
- गाय, बकरी एवं भैंस का दूध दोहन न करें।
- शयन और यात्रा न करें।
- चंद्र ग्रहण के दिन गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर से अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए।
- सूतक लगने के बाद पूजा पाठ न करें।
- ग्रहण के दौरान कई शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।
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