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पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव पंचतत्व में विलीन हो गए. उनके पैतृक गांव आंखमऊ (नर्मदापुरम) में उनकी बेटी सुभाषिनी और बेटे शांतनु में मुखाग्नि दी. विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी भी शनिवार को मध्य प्रदेश के आंखमऊ गांव पहुंचे और महान समाजवादी नेता दिवंगत शरद यादव की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी. मुकेश सहनी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति और पार्टी के नेता मधुकर आनंद यादव भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए.
दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद मुकेश सहनी ने शरद यादव के साथ काम करने के दौर को याद करते हुए कहा कि उनके बताए गए संघर्ष के रास्ते पर आज भी उनकी पार्टी चल रही है और आगे भी चलेगी. अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद मुकेश सहनी भावुक भी हो गए. उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता राजनीति की पुस्तक थे. उनके द्वारा पढ़ाया गया पाठ राजनीति के क्षेत्र में हर कदम पर मार्गदर्शन करता है.
मुकेश सहनी ने खुद को खुशनसीब बताते हुए कहा कि शरद यादव के साथ काम करने अवसर मिला और उनके सानिध्य में राजनीतिक तथा सामाजिक कार्यों में बहुत कुछ सीखने का मौक़ा मिला. सहनी ने कहा कि शरद यादव ने कभी भी लोहिया और जय प्रकाश नारायण के आदर्शों को नहीं छोड़ा और जीवन के अंतिम दिनों तक भी वे संघर्ष करते रहे.
मुकेश सहनी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति और पार्टी के नेता मधुकर आनंद भी दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. देव ज्योति ने कहा कि देश की राजनीति में दूसरा शरद यादव भविष्य में पैदा नही हो सकता. उन्होंने कहा कि ऐसे नेता बिरले होते है जो तीन राज्यों के लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया हो.
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव आज पंचतत्व में विलीन हो गए. मध्य प्रदेश स्थित उनके पैतृक गांव आंखमऊ (नर्मदापुरम) में उनकी बेटी सुभाषिनी और बेटे शांतनु में मुखाग्नि दी. इससे पहले पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया. दोपहर में दिल्ली से चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए पार्थिव शरीर को राजाभोज एयरपोर्ट भोपाल लाया गया. यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने श्रद्धांजलि दी.
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