जबकि अमीर लोग आराम से तीन हजार रुपये भर कर छूट जाते हैं.
अमीर लोग शराब की होम डिलीवरी करा लेते हैं. बीजेपी के दबाव में सरकार ने जहरीली शराब से मरने वालों के आश्रितों को नियमानुसार 4 लाख रुपये देने का निर्णय तो किया, लेकिन नियमावली ऐसी बनाई कि अनुग्रह राशि मिलना कठिन हो गया.बीजेपी नेता ने बोला कि जहरीली शराब पीने से 500 से ज्यादा लोगो की मृत्यु हो चुकी हैं. सरकार बताए कि अभी तक कितने लोगों को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिल चुका है? सरकार बताए कि जहरीली शराब के 50 से ज्यादा घटना में अभी तक एक व्यक्ति को भी सजा क्यों नहीं मिल पाई? शराबबंदी कानून बड़े लोगों को राहत देने वाला हो गया है. और बता दें कि उसकी स्थान 'परमिट पर शराब' का गुजरात मॉडल क्यों नहीं अपनाया जा सकता?
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