हमेशा नीतीश कुमार दोहरा मापदंड अपनाते हैं.
मणिपुर में हुई वारदात का जिक्र तो करते हैं लेकिन बेगूसराय की घटना पर कुछ नहीं बोलते हैं. किसनगंज में भी इस तरह की घटना हुई, उस पर क्यों नहीं बोलते? किसी भी स्थान की स्त्री क्यों न हो उनकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. स्त्री की हिफाजत होनी चाहिए. कहीं भी इस तरह की घटना हो रही है तो इसकी वो घोर निंदा करते.पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार होना चाहिए. इनमें वैसे फूट हो गया है आज न कल ये टूटेंगे और टूट करके अलग हो जाएंगे. वहीं, सुपौल सर्किट हाउस में बड़ी संख्यां में आए स्थानीय कार्यकर्ता और आम लोगों की समस्या से अवगत हुए जीतन राम मांझी ने समाधान का यकीन दिया.
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