यहां आज नहीं तो कल अगर राजनीतिकरण हुआ तो गया अशांत हो जाएगा.
इसकी सारी जिम्मेदारी गया की पुलिस की होगी. बिहार में हो रही सांप्रदायिक घटना पर उन्होंने बोला कि अब बिहार में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. पत्रकारों को जब गोली मार दी जा रही है. दारोगा को यहां गोली मार दी जा रही है, जब कानून व्यवस्था है ही नहीं तो सांप्रदायिक दंगा ही हो सकता है.आगे 'हम' संरक्षक ने बोला कि जनता की हित के लिए बात करते हैं. आज गुजरात में शराबबंदी है, लेकिन कोई हल्ला हंगामा नहीं है. बिहार में 5 लाख लोगों को जेल में भेजा गया है, उसमे 3.5 लाख वैसे लोग हैं जो मजदूरी कर लौटते वक्त 250 ग्राम शराब पी लिया हो तो उनको जेल भेज दिया गया है. यह अनर्थ है. ऐसा कानून नहीं चलेगा. रात में बड़े-बड़े जो अधिकारी आईएएस, आईपीएस या ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, ठिकेदार, एक्सक्यूटिव ऑफिसर, मंत्री, विधायक यह सभी लोग रात 10 बजे के बाद महंगी शराब पीते हैं, जिसे कोई नहीं जानता. रात 10 बजे के बाद इसलिए शराब पियो और सो जाओ. इस प्रकार की जो बंदोबस्त करे वोट उसी को दें.
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