सुशील मोदी ने बोला कि नीतीश कुमार मुगालते में न रहें, जो 2014 और 2019 में आएं, वहीं बिहार की सभी 40 सीटें जीतकर 2024 में भी केंद्र की सत्ता में और शक्तिशाली होकर लौटेंगे.
उन्होंने बोला कि पिछले वर्ष विधानसभा के 3 उपचुनाव हुए, जिनमें दो BJP जीती और मोकामा में 64 हजार वोट लाकर पार्टी ने राजद को कड़ी टक्कर दी.इन्होंने बोला कि लालू प्रसाद के आगे घुटने टेकने के वजह से जदयू का लव-कुश और अतिपिछड़ा जनाधार खिसककर BJP के साथ आ चुका है.
एक साल में महागठबंधन के साथ न कोई बड़ा नेता जुड़ा, न कोई दल.
BJP नेता ने बोला कि बिहार में घमंडिया आइएनडीआइए कमजोर हुआ. जबकि, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के आने से एनडीए की ताकत बढ़ी.इससे पहले सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को वर्णन जारी करते हुए महागठबंधन की सरकार पर आक्रमण बोला. उन्होंने बोला कि 9 अगस्त को जब देश अगस्त क्रांति की वर्षगांठ मना रहा है, तब बिहार जनादेश से विश्वासघात की पहली बरसी मना रहा है. याद कर रहा है कि नीतीश कुमार के लालू प्रसाद से हाथ मिलाने पर विकास कितना ठप हुआ और कैसे कत्ल -बलात्कार, बैंक लूट की घटनाओं में तेजी लाकर कानून-व्यवस्था चौपट की गई.डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना सुशील कुमार मोदी ने बोला कि जो लोग कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहे थे, उन्होंने कैबिनेट की 100 से ज्यादा बैठकों के बाद 100 लोगों को भी नौकरी नहीं दी. महागठबंधन सरकार बनवा कर नीतीश कुमार ने परिवारवाद, भ्रष्टाचार, अपराध और वोटबैंक की राजनीति (सांप्रदायिकता) से समझौता किया, जिससे पिछला एक वर्ष जंगलराज-रिटर्न जैसा रहा.
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