गांव-गांव का बच्चा-बच्चा इस बात को समझ रहा है
और बोलता है कि नीतीश कुमार को सिर्फ मुख्यमंत्री बनने से मतलब है और वो बनने जो सहयोगी हैं वो ठीक हैं, जो सहयोगी नहीं हैं उनके शब्दों में उसे कोई ज्ञान नहीं है. बिहार में सिर्फ एक ही ज्ञानी बच गए हैं, वो नीतीश कुमार हैं.आगे चुनावी रणनीतिकार ने बोला कि इस बात को हमको मानना पड़ेगा कि कुर्सी पर बने रहने का ज्ञान तो नीतीश कुमार के पास है. चाहे जनता का समर्थन हो या न हो, जनता उनको वोट करे या न करे. जनता चाहे वोट कांग्रेस, आरजेडी, बीजेपी या निर्दलीय को करे, मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार ही बनेंगे. इतना ज्ञान नीतीश कुमार को है. बता दें कि मुजफ्फरपुर के सकरा में प्रशांत किशोर ने गुरुवार को जन संवाद किया. वहीं, प्रशांत किशोर पिछले वर्ष 2 अक्टूबर से पूरे बिहार के दौरा पर निकले हुए हैं. इस दौरान लोगों से संवाद कर रहे हैं और राजनीति पार्टियों पर निरंतर आक्रमण बोल रहे हैं.
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