प्रशांत किशोर ने आगे बोला कि नीतीश कुमार बीते दिनों में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव से मिलने गए.
अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव 2014 में 5 सीटें और 2019 में भी 5 सीटें मिली. हालांकि, वो बात ऐसे कर रहे हैं जैसे 500 एमपी इन्हीं के पास हैं. दो जीरो को अगर जोड़ेंगे तो उससे क्या होगा? आज ये बीजेपी की बी टीम हैं, क्योंकि ये अपनी दुकान चला रहे हैं. आगे चुनावी रणनीतिकार ने बोला कि साथ बैठकर चाय पीना प्रेस कांफ्रेंस करने से विपक्ष मजबूत हो जाता तो 20 वर्ष पूर्व ही विपक्ष मजबूत हो गया होता. आज ये लोग घर से निकलकर 5 किलोमीटर चल नहीं सकते हैं, कोई दौरा नहीं कर सकते हैं, कोई कार्य नहीं कर सकते हैं. सियासत क्या करेंगे?
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