तो नीतीश, लालू और तेजस्वी की मुलाकात का कारण ये है? जीतन राम मांझी ने किया ये बड़ा दावा


संवाद 


आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार (03 नवंबर) को नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से उनके आवास पर भेंट की थी. 40 मिनट की बैठक में क्या कुछ बातें हुईं यह सामने नहीं आया है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने दावा करते हुए इस पर बड़ा वर्णन दिया है. शनिवार (04 नवंबर) को मांझी ने गोदावरी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में इसका कारण बताया है.जीतन राम मांझी ने बोला कि अभी कांग्रेस 5 राज्यों के चुनाव में लगी है तो नीतीश कुमार की 'घमंडिया' सरकार को लगा होगा कि तिरस्कार के रूप में कांग्रेस को देखा. लालू यादव और तेजस्वी यादव को यह खटका कि कहीं फिर नीतीश कुमार पलटी न मार दें.

 इस परिस्थिति में लालू और तेजस्वी यादव दोनों सीएम आवास आ गए. बताया होगा कि आप चिंता मत कीजिए. 

इसी सियासत के तहत दोनों नीतीश कुमार को समझाने गए होंगे.जीतन राम मांझी ने बोला कि नीतीश कुमार एक सुलझे हुए राजनीतिज्ञ हैं. तिकड़मबाजी कर 17 वर्ष से बिहार के सीएम के रूप में नीतीश कुमार ने गुजार दिया है. लालू यादव ने ही नीतीश कुमार को पलटू राम बोला था. अब तो विदेशों में भी पलटू राम की जिक्र होती है. एक आदमी पेरिस से आए हैं, उन्होंने बोला कि पेरिस में भी नीतीश कुमार को पलटू राम के रूप में जाना जाता है.आगे मांझी ने बोला कि नीतीश कुमार ने बोला था कि 2023 में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना देंगे. अब तो 2023 का 11वां महीना चल रहा है. ऐसी परिस्थिति में अभी तक नहीं बनाए हैं तो लालू यादव के सब्र का बांध टूटते हुए नजर आ रहा है इसलिए वह कभी-कभी दूरी बनाना चाहते हैं. नीतीश कुमार दबाव डालने के लिए कभी बीजेपी की तो कभी नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर देते हैं. अब लालू यादव ने राहुल गांधी को बोल दिया कि आप शादी कीजिए हम लोग बारात जाने के लिए तैयार हैं. उसके बाद नीतीश कुमार की जितना भी आशा और अपेक्षा थी वह सब टूटती हुई दिख रही है. वह बेचैन हो गए हैं. इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार को कन्वीनर तक नहीं बनाया गया.

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