उन लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं.
सिर्फ 16 हजार सैलरी है. सैलरी बढ़ाई जाए. समायोजन किया जाए. हम लोगों को परमानेंट नौकरी दी जाए. आखिर कब तक हम लोग कांट्रैक्ट पर रहेंगे? हम लोगों को आए दिन गैर शैक्षणिक कामों में भी लगा दिया जाता है. इस पर भी पाबंदी लगाई जाए.विशेष शिक्षकों ने बोला कि आम लोगों की अनदेखी की जा रही है. हम लोगों को विकलांग बना दिया गया है. शिक्षा विभाग में हम लोग चक्कर पर चक्कर लगा रहे, लेकिन कोई भी हमलोगों की सुनने को तैयार नहीं है. बिहार में हम लोगों की संख्या 1037 है. अब आर पार की लड़ाई लड़ेंगे. बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए, स्कूली बच्चों का क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए नए निर्देश जारी कर रहे हैं. दूसरी ओर शिक्षकों में असंतोष है. अब विशेष शिक्षक हड़ताल पर चले गए हैं.
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