गुरु गोविंद सिंह के 357वें प्रकाश पर्व में सम्मिलित हुए CM नीतीश, तख्त श्रीहरिमंदिर जी में मत्था टेका


संवाद 


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सिखों के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 357वें प्रकाश पर्व (Guru Gobind Singh Jayanti 2024) पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित प्रोग्राम में सम्मिलित हुए. मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की. प्रोग्राम के क्रम में देश के अलग-अलग भागों से आए जत्थेदारों, श्री हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया.

 वहीं, इस मौके पर उन्होंने एक्स पर ट्वीट भी किया.

सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर लिखा कि 'दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 357वें प्रकाश पर्व पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब तथा गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत में मत्था टेका और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की'
वहीं, इस क्रम में मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की. इस मौके पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन सह सूचना एवं जन संपर्क मंत्री संजय कुमार झा, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी, पटना साहिब के अध्यक्ष सरदार जगजोत सिंह सहित कई नेता और अधिकारी उपस्थित रहे. बता दें कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म सन् 1666 में बिहार के पटना शहर में हुआ था. गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के 9वें गुरु तेगबहादुर के पुत्र थे. पिता की मौत के बाद महज 9 वर्ष की आयु में इन्होंने मानव कल्याण के जिम्मेदारी संभाली और गुरु की गद्दी पर बैठे. सिखों के दसवें और आखिरी गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. साथ ही सिखों को पंच ककार केश, कृपाण, कंघा, कड़ा और कच्छा धारण करने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी ने ही बोला था.


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