फिलहाल सभी छात्राओं का इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है.
ग्रामीणों का बोलना है कि भयंकर गर्मी में भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इस कारण से बच्चे सुबह भूखे स्कूल चले जा जाते हैं. जिला भयंकर गर्मी की चपेट में है. अगर जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया तो बच्चों के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है.सदर अस्पताल के डॉ. रजनीकांत कुमार ने बताया कि बढ़ते टेंपेरेचर के वजह से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां भर्ती छात्राओं की हालत अब स्थिर है. वहीं, डॉ. सत्येंद्र ने बोला कि छात्रों को हमेशा हाइड्रेटेड रहना चाहिए. उन्हें जितना हो सके उतना पानी पीना चाहिए. गर्मी में बाहर न निकलने की राय दी जाती है. सभी छात्रों को पानी की बोतल साथ रखनी चाहिए.
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