बाद में कारी सोहैब ने अपनी गलती मान ली जबकि सुनील सिंह ने अपनी गलती मानने से मना कर दिया था.
इसके बाद उनके विरुद्ध अचार समिति ने अपनी जांच की प्रक्रिया की रिपोर्ट तैयार की. वहीं, बिहार विधान परिषद् की समिति ने इस मामले में एमएलसी सुनील सिंह को आरोपी पाया है. आचार समिति में मामला पहुंचने के बाद सुनील सिंह को कई बार आचार समिति की बैठक में बुलाया गया लेकिन वह नहीं गए. इसके बाद अब उनके ऊपर करवाई होती दिख रही है. बिहार विधान परिषद की आचार समिति ने राष्ट्रीय जनता दल के बिहार विधान परिषद के सदस्य सुनील कुमार सिंह की सदस्यता समाप्त करने को लेकर अनुशंसा कर दी है. जल्दी इस अनुशंसा पर निर्णय होगा उसके बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.
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