हम खुद कई घटनास्थलों पर गए हैं,
अधिकारियों से भी बात की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. हम शुरू से ही बोल रहे हैं कि ये कानून व्यवस्था को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं.वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के क्राइम बुलेटिन पर निशाने साधते हुए बोला कि 2005 से पहले सीएम आवास पर अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था. इस पर नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार करते हुए बोला कि बेकार की बातें हैं, कहानी है क्या है? सबूत क्या है? खाली इधर का उधर करना है. सत्ता में ये लोग बैठे हैं तो इंसाफ करो. क्यों नहीं बिहार में अपराधियों को पकड़ने का कार्य कर रहे हैं. अभी जो स्थिति है वह भयावह है.
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