जहरीली शराब पीने से लोगों की जान जा रही है.
शराब माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है. शराबबंदी कानून के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है. कितनी राशि खर्च की गई इस कानून पर इसके बावजूद जहरीली शराब से लोगों की जान जा रही है. यह चिंता का विषय है. इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेवार है. जवाबदेही सरकार की है.उधर जेडीयू के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने बोला है कि बिहार में शराब माफिया को सह और संरक्षण देने का काम यहां की विपक्षी पार्टियां करती हैं. जिस प्रकार से समय-समय पर विपक्ष के लोग शराबबंदी के संदर्भ में अपना राय उजागर करते हैं उसे शराब माफिया का मनोबल बढ़ जाता है, लेकिन सरकार ऐसे लोगों के लिए हमेशा कार्रवाई करने के लिए जानी जाती रही है. हम आगे भी ऐसे शराब माफिया की कमर तोड़ने का कार्य करेंगे. एलजेपी (रामविलास) के प्रवक्ता डॉ. विनीत सिंह ने बोला कि सीवान और सारण में कुछ लोगों की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है जो जांच का विषय है. प्रशासन पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहा है. अगर शराब का एंगल निकलकर आता है तो हम उन पर भी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने शराब उपलब्ध कराई है. बिहार में शराबबंदी लागू है और सरकार इस बात को लेकर कटिबद्ध है. ऐसा कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह का कार्य करता है तो उसको छोड़ा नहीं जाएगा.
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