लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
जब सिटी एसपी से पूछा गया कि अजीत सिंह छुट्टी नहीं मिलने के वजह से परेशान थे, तो इस पर उन्होंने फोला कि सभी मामले की जांच की जा रही है. एफएसएल टीम भी जांच कर रही है. वहीं इस मामले में एएसआई के पिता विनोद सिंह ने रोते हुए बोला कि हमने दीपावली में बुलाया था वह नहीं आए. मैंने बोला कि छठ में आ जाओ, तो बोला कि कहां छुट्टी मिलेगी. छुट्टी मिला तभी आ पाएंगे. पिता ने बताया कि अजीत सिंह 2007 में बिहार पुलिस में कांस्टेबल बने थे, उन्हें 4 महीने पहले ही प्रमोशन मिला था. उनके तीन बेटे और एक बेटी है. पटना से पहले वे भभुआ में पोस्टेड थे. अजीत सिंह का एक भाई आर्मी में है, दूसरा गांव में ही बिजनेस करता है और तीसरा रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात है.
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