बिहार के बरौनी जक्शन पर शनिवार को एक रेलवे कर्मचारी की मृत्यु हो गई थी. मोहम्मद सुलेमान ने इंजन पायलट को सब ठीक है हाथ से इशारा किया था जबकि अमर कुमार इंजन के बीच न होकर साइड बफर के ठीक सामने थे. वहीं, परिवार ने रेलवे की रिपोर्ट के बाद बोला है सुलेमान की षड्यंत्रपूर्ण शरारत के कारण शंटमैन अमर कुमार की मृत्यु हुई है. रेलवे ने अपनी जांच में मोहम्मद सुलेमान को अमर कुमार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है.बरौनी स्टेशन पर इंजन से दबने से रेल कर्मचारी की मृत्यु मामले में रेलवे की रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में लिखा है कि 'दिनांक 09.11.24 को लाईन सं० 06 (प्लेटफॉर्म ) पर ट्रेन संख्या 15204 (लखनउ बरौनी) 08:10 बजे आई. स्टेशन मास्टर (मेन) ने कांटावाला सुलेमान और अमर कुमार को इंजन अलग करने के लिए भेजा. इंजन अलग करने के लिए दौरान इंजन एवं 'एलडब्ल्यूएलआरआरएम' के बीच कॉटावाला अमर कुमार दब गए जिससे तत्काल उनकी मौत हो गई.'आगे रिपोर्ट में लिखा गया है कि 'इंजन संख्या 22375 एवं एलडब्ल्यूएलआरआरएम 151578 के साउथ साइड (हावड़ा इंड) के साइड बफर के बीच कांटावाला अमर कुमार दबे हुए पाए गए एवं मृत थे. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी का अध्ययन किया गया जिसमें चौंकाने वाली सच सामने आई.
गाड़ी संख्या 15204 लाइन संख्या 06 में 8:10 में आई.
लोको पायलट ने इंजन का चार्ज 8:12 लिया. 15204 को 8 :15 में लोड सहित तेल स्टेशन पर लाया गया. कांटावाला सुलेमान ने 08:27 (लगभग) बफर मांगा. हाथ से इशारा कर आगे बढ़ने को बोला. लगभग 08:28 में फिर से हाथ के इशारे से पीछे करने को बोला. लगभग 08:29 में सुलेमान तेजी से पीछे से भागकर आया और आगे बढ़ने का इशारा किया. 08:29 में कई लोग इंजन की तरफ दौड़ते दिखे. 10:15 में इंजन एवं पावरकार के बीच से शव निकाला गया.'रेलवे के अधिकारी ने बोला कि घटना का अवलोकन सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कांटावाला मो. सुलेमान एवं कांटावाला अमर कुमार के बीच उचित समन्वय एवं सामंजस्य की विफलता के वजह से भ्रम की स्थिति में लोको शंटर को गलत संकेत मो. सुलेमान ने दिया. इशारा दुर्घटना का कारण बना. अब इस वारदात के मो. सुलेमान के विरुद्ध परिवार वाले कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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