NMCH में मरीज की आंख निकालने के मामले में दो नर्स सस्पेंड, क्यों लिया गया ये एक्शन? पढ़ें


संवाद 

बिहार के पटना में गोली लगने से जख्मी एक व्यक्ति की सरकारी अस्पताल में इलाज के क्रम में मृत्यु के कुछ घंटों बाद उसकी एक आंख गायब पाई गई थी. चिकित्सकों ने आंख कुतरने के लिए चूहों को आरोपी ठहराया तो वहीं मृतक के परिवार के सदस्यों ने मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई. इस मामले में अब बड़ा एक्शन हुआ है. अस्पताल की दो नर्सों को सस्पेंड किया गया है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच करते हुए बीते रविवार (17 नवंबर) को यह एक्शन लिया है. अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार (15 नवंबर) को फंटूश कुमार नाम के एक व्यक्ति को गोली मार दी थी. इसके बाद उसे पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. इसी क्रम में उसने शुक्रवार की रात में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. 

जब लाश को देखा गया तो फंटूश की आंख गायब थी.

 इसके बाद तहलका मच गया. मृतक के परिजनों ने इल्जाम लगाया कि शव की बाईं आंख निकाली गई और उस पर पट्टी बांध दी गई. मामला तूल पकड़ा तो जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया. इसके बाद बीते रविवार को इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही के इल्जाम में दो नर्सों को निलंबित कर दिया.स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बोला, "मामले की जांच उच्च स्तरीय समिति और पुलिस द्वारा की जा रही है लेकिन प्रारंभिक जांच के आधार पर विभाग ने दो नर्सों को निलंबित करने का निर्देश दिया है. ये नर्सें कथित घटना के समय ड्यूटी पर थीं. नर्सों की तरफ से लापरवाही के वजह से निलंबन का निर्देश दिया गया है." मंत्री ने नर्सों द्वारा कथित तौर पर की गई लापरवाही के बारे में विस्तार से बताने से मना कर दिया. बोला कि मेडिकल टीम और पुलिस द्वारा जांच पूरी होने दीजिए. वहीं दूसरी तरफ पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया, "आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है."
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