कांग्रेस पार्टी अब चुनावों में टिकट वितरण को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रही है। पार्टी ने फैसला लिया है कि अब दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में अपनाया गया टिकट बंटवारे का पुराना फार्मूला फिर से लागू किया जाएगा। इसकी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2024 से होगी।
क्या है इंदिरा गांधी का फार्मूला?
टिकट उन्हीं नेताओं को मिलेगा जो जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हों।
उम्मीदवार की छवि, संगठन के साथ जुड़ाव और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता को अहम माना जाएगा।
बाहरी हस्तक्षेप और लॉबिंग की संभावना कम करने पर जोर।
जातीय संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और जीत की संभावना पर आधारित आंकलन।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो हाल के चुनावों में पार्टी को मिली लगातार हारों से सबक लेते हुए संगठन अब लोकप्रिय और जीत सकने वाले चेहरों पर दांव लगाना चाहता है। इसके लिए गंभीर स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
बिहार से होगी शुरुआत
2024 में प्रस्तावित बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस फार्मूले को लागू कर पायलट प्रोजेक्ट की तरह आज़माएगी। इसके बाद अगर नतीजे सकारात्मक रहे तो इसे देशभर में लागू किया जाएगा।
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