तेजस्वी यादव का बयान: अस्पतालों की बदहाली पर चिंता, स्वास्थ्य विभाग को गंभीरता से काम करने की नसीहत


संवाद 

पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को अब गंभीरता से काम करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री को भी अस्पतालों का दौरा करने की सलाह दी है।

700 गायब डॉक्टरों को किया था बर्खास्त

तेजस्वी यादव ने याद दिलाया कि जब वे स्वास्थ्य मंत्री थे, तब उन्होंने अस्पतालों में हाजिर न रहने वाले 700 डॉक्टरों को बर्खास्त किया था। उन्होंने कहा कि "हमने कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी थी। आज भी अगर यही सख्ती दिखाई जाए, तो व्यवस्था सुधर सकती है।"

अस्पतालों की स्थिति पर नाराजगी

तेजस्वी ने राज्य के कई अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, दवाओं की कमी और अव्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

सरकार से जवाबदेही की मांग

तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार से पूछा कि अब तक अस्पतालों की मॉनिटरिंग क्यों नहीं हो रही और अनियमित कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।




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